DISHA SALIAN CASE : दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद मामले में जांच का दायरा फिर बढ़ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। FIR में गैंगरेप और हत्या के आरोपों के साथ सबूतों से छेड़छाड़, पुलिस रिकॉर्ड में बदलाव और दिशा के मोबाइल फोन से जुड़े कई दावों का जिक्र है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने भी CBI के सामने चार घंटे से ज्यादा समय तक अपना बयान दर्ज कराया।
FIR में कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में
FIR में कई नेताओं, अभिनेताओं, पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच का उल्लेख किया गया है। इनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह और तत्कालीन DCP विशाल ठाकुर के नाम शामिल हैं। इसके अलावा उद्धव ठाकरे, अनिल देशमुख और कई पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की बात कही गई है।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिकॉर्ड भी जांच में
FIR में पोस्टमार्टम में कथित देरी से जुड़े डॉक्टरों और स्टाफ का भी उल्लेख है। डॉ. संजय जाधव, कलिना फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से जुड़े अधिकारियों और N.P. भाले का नाम भी दस्तावेज में दर्ज बताया गया है। इसके अलावा रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्डों समेत कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच की बात कही गई है। SIT और उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है, जिनकी निगरानी में पहले जांच हुई थी।
दिशा के मोबाइल को लेकर FIR में क्या दावा?
FIR में दिशा के मोबाइल फोन को लेकर अलग-अलग बयानों और उपलब्ध सामग्री के बीच विरोधाभास का जिक्र किया गया है। दस्तावेज के मुताबिक, पुलिस ने 9 जून 2020 की सुबह करीब 9:40 बजे मोबाइल अपने कब्जे में लिया था। इसके बावजूद बाद में फोन के एक्टिव रहने और इस्तेमाल किए जाने से जुड़े दावे सामने आए। FIR में फोन की जब्ती और उसके बाद की गतिविधियों को लेकर रिकॉर्ड में कथित विसंगतियों की जांच की बात कही गई है।
फोन को लेकर सचिन वाजे और आदित्य ठाकरे का भी जिक्र
FIR में दावा किया गया है कि दिशा का मोबाइल फोन सचिन वाजे और आदित्य ठाकरे के कब्जे में रहा और उसका इस्तेमाल किया गया। दस्तावेज के मुताबिक, फोन से उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की गई, जिनसे दिशा ने घटना से जुड़ी बातचीत की थी या जो संभावित गवाह हो सकते थे। हालांकि ये सभी दावे जांच का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि CBI की जांच में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
पिता ने CBI के सामने दर्ज कराया बयान
दिशा के पिता सतीश सालियान शुक्रवार को अपने वकील नीलेश ओझा के साथ CBI अधिकारियों के सामने पहुंचे और चार घंटे से अधिक समय तक बयान दर्ज कराया। वह पहले भी बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं। उन्होंने अपनी बेटी के साथ गैंगरेप और हत्या का आरोप लगाया था और कुछ प्रभावशाली लोगों तथा पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। अब CBI FIR में दर्ज दावों और आरोपों की जांच करेगी।
महत्वपूर्ण: FIR में किसी व्यक्ति की भूमिका की जांच का उल्लेख होना अपने आप में उसे दोषी या अपराधी साबित नहीं करता। आरोपों की सच्चाई जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी।