Disha Salian Case LEGAL NOTICE: दिशा सालियान की मौत को लेकर चल रहे विवाद के बीच उनके पिता सतीश सालियान ने महाराष्ट्र के नेता आदित्य ठाकरे और पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। वकील अनुष्का सोनावणे के जरिए भेजे गए नोटिस में दोनों नेताओं के कुछ बयानों पर आपत्ति जताई गई है। सतीश सालियान ने बिना शर्त सार्वजनिक माफी, बयान वापस लेने और 500 करोड़ रुपये का हर्जाना देने की मांग की है।
सात दिन में माफी की मांग
नोटिस में दोनों नेताओं को माफी मांगने और अपने कथित आपत्तिजनक बयानों को वापस लेने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। सतीश सालियान की ओर से मांग की गई है कि माफी स्पष्ट और सार्वजनिक हो। साथ ही इसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर भी प्रकाशित या प्रसारित किया जाए।
अखबार और सोशल मीडिया पर माफी की मांग
कानूनी नोटिस के मुताबिक, प्रिंट मीडिया में ए4 आकार का विज्ञापन देकर माफी प्रकाशित कराने की मांग की गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख न्यूज चैनलों तथा सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कम से कम तीन मिनट का बिना शर्त वीडियो माफीनामा जारी करने को भी कहा गया है।
बयानों पर जताई आपत्ति
नोटिस में सतीश सालियान ने आरोप लगाया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख ने उनकी कानूनी कार्रवाई और बयानों को लेकर ऐसे आरोप लगाए, जिन्हें वह झूठा और मानहानिकारक मानते हैं। उनका कहना है कि बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग को राजनीतिक मकसद से जोड़ना उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है।
याचिका और जांच को लेकर क्या दावा?
सतीश सालियान का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर कानूनी रास्ता अपनाया था। नोटिस में दावा किया गया है कि उनकी याचिका में मामले से जुड़े आरोपों, परिस्थितियों, कथित विरोधाभासों और दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का उल्लेख किया गया था। नोटिस में अनिल देशमुख के उस पुराने बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने याचिका को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था।
दिशा की मौत पर अब भी उठ रहे सवाल
दिशा सालियान की मौत की शुरुआती जांच मुंबई पुलिस ने की थी और इसे आत्महत्या बताया गया था। मार्च 2025 में सामने आई क्लोजर रिपोर्ट में भी मौत को आत्महत्या बताया गया था। वहीं, सतीश सालियान ने बाद में मामले की दोबारा जांच की मांग की। उनके वकील की ओर से अदालत में यौन हिंसा और हत्या से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे, जिनकी पुष्टि होना अभी जांच का विषय है। अब मामले में CBI की जांच के बीच इन दावों और पुराने निष्कर्षों को लेकर आगे की स्थिति पर नजर है।