बुलंदशहर, खुर्जा कोतवाली नगर क्षेत्र के गांव क्वार्सी के जंगल में गुरुवार सुबह रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। 55 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में भतीजे ने अपने ही चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार गांव क्वार्सी निवासी ब्रजमोहन उर्फ गुड्डु का अपने भतीजे कृष्णकांत के साथ लंबे समय से रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि कृष्णकांत के ब्रजमोहन पर करीब 55 लाख रुपये बकाया थे। गुरुवार सुबह दोनों खेत पर पहुंचे, जहां लेनदेन को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कृष्णकांत ने तमंचे से चाचा ब्रजमोहन उर्फ गुड्डु पर गोली चला दी. गोली लगते ही ब्रजमोहन गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद आरोपी कृष्णकांत ने स्वयं डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया.
घटना की जानकारी पर एसपी देहात अंतरिक्ष जैन, सीओ शोभित कुमार तथा खुर्जा कोतवाली पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जानकारी जुटाई। वहीं फोरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए. पुलिस ने घायल ब्रजमोहन को उपचार के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
स्थानीय निवासी पप्पू ने बताया कि दोनों के बीच काफी समय से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चला आ रहा था. गुरुवार सुबह खेत पर दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई, जिसके बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला रुपये के लेनदेन से जुड़े विवाद का प्रतीत हो रहा है. आरोपी कृष्णकांत को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। फोरेंसिक साक्ष्यों एवं अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है. दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक बार फिर आर्थिक विवाद ने पारिवारिक रिश्तों को खून से रंग दिया, जिससे गांव में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है.