श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी युद्धपोत से संकट संदेश मिलने के बाद भारतीय नौसेना ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। बताया गया कि ईरान का युद्धपोत “आईरिस डेना” भारत में आयोजित बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास में भाग लेने के बाद अपने देश लौट रहा था। इसी दौरान जहाज से आपातकालीन संदेश प्रसारित हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय नौसेना ने श्रीलंका के साथ समन्वय करते हुए खोज और बचाव कार्य में सहयोग देना शुरू कर दिया।
तुरंत सक्रिय हुई नौसेना
भारतीय नौसेना के अनुसार, बुधवार तड़के कोलंबो स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र को “आईरिस डेना” जहाज से एसओएस संदेश प्राप्त हुआ। बताया गया कि जहाज श्रीलंका के गॉल तट से लगभग 20 समुद्री मील पश्चिम में था। सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए खोज और राहत अभियान की योजना बनाई।
समुद्र से भी पहुंची सहायता
नौसेना ने बुधवार सुबह करीब 10 बजे एक लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान को खोज अभियान में शामिल किया। यह विमान श्रीलंका के नेतृत्व में चल रहे अभियान में सहायता कर रहा है। इसके अलावा एक अन्य विमान को भी तैयार रखा गया था, जिसमें आसमान से गिराए जाने वाले जीवनरक्षक राफ्ट मौजूद थे ताकि जरूरत पड़ने पर समुद्र में फंसे लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
खोज अभियान जारी
भारतीय नौसेना ने अपने जहाज आईएनएस तरंगिनी को भी सहायता के लिए भेजा, जो शाम तक खोज क्षेत्र में पहुंच गया। इस दौरान श्रीलंकाई नौसेना और अन्य एजेंसियां पहले से ही राहत अभियान चला रही थीं। दोनों देशों की नौसेनाएं मिलकर समुद्र में लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
लापता लोगों की तलाश
भारतीय नौसेना का एक और जहाज आईएनएस इक्षक कोच्चि से रवाना किया गया, जो खोज अभियान में शामिल हो चुका है। नौसेना ने बताया कि श्रीलंका के साथ लगातार समन्वय बनाकर लापता कर्मियों की तलाश जारी है और बचाव कार्य को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं।