Divya Mittal Politics Entry: 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने अगले कदम का ऐलान कर दिया है। उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा की है और अपनी राजनितिक पारी की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करने का फैसला लिया है। दिव्या मित्तल ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। जिसमें उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होगी, बल्कि सीधे आम लोगों के साथ मिलकर काम करेंगी।
वीडियो संदेश किया जारी
अपने वीडिये मैसेज में दिव्या मित्तल ने कहा, “नमस्कार मैं दिव्या मित्तल, अभी कुछ दिन पहले मैंने आईएएस से त्यागपत्र दिया और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए। कुछ दिनों तक जवाब नहीं दिया क्योंकि काम बड़ा था और मैं हौसला जुटा रही थी। पर आज उन सवालों के जवाब देने आई हूँ. आगे क्या, किसके साथ और कहाँ से? पहला सवाल, आगे क्या? राजनीति।”
कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए। pic.twitter.com/mtS6gzBzRw
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) September 29, 2026
आईएएस छोड़ने के बाद राजनीति क्यों?
उन्होंने राजनीति में आने की वजह बताते हुए कहा कि वह उन आम लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी बात सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाती या पहुंचने के बाद भी अनसुनी कर दी जाती है। वह देश की आजादी के 80 सालों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहती हैं।
लोगों के साथ मिलकर करेंगी काम
दिव्या मित्तल ने साफ किया कि वह किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होगी, बल्कि सीधे आम लोगों के साथ मिलकर काम करेंगी। उन्होंने अपने वीडियो में इस्तीफे के बाद अपने खिलाफ लगाए गए एक आरोप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीति तो शरीफ लोगों के लिए है ही नहीं और इसका जवाब मुझे अपने इस्तीफे के चंद घंटों में मिल गया। जहां बहुत सारे आम लोगों ने मेरा समर्थन किया, वहीं एक बड़ी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने लिखा कि मैं रात के अंधेरे में एक दूसरी बड़ी पार्टी के बड़े नेता से मिली थी।
डरूंगी नहीं, सवाल पूछूंगी"
उन्होंने बताया कि वो मुलाकात कभी नहीं हुई थी, ये बात लिखने वाले को भी पता थी, लेकिन उद्देश्य सच लिखना नहीं था, उद्देश्य था कि एक औरत, जो सवाल पूछने निकली है, उसको पहले ही दिन डरा दो. यही तो ये लोग करते हैं. किसी को FIR करके डरा दो, किसी को ट्रोल करके बिठा दो, ताकि आम आदमी और अच्छे लोग राजनीति में न आएँ और इनकी ऐसे ही राजनीति चलती रहे। दिव्या मित्तल ने कहा कि वह इस दबाव से डरने वाली नहीं हैं और आम जनता के हक के लिए सवाल पूछती रहेंगी।
पैसा, बाहुबल और जाति-धर्म के समीकरण पर क्या बोलीं?
राजनीति के परंपरागत तरीकों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो पैसा चुनाव में बहाया जाता है, वो कहाँ से आता है? वो हमारी सड़क से आता है, हमारे पुल से आता है, हमारे स्कूल से आता है. मुझे वो पैसा नहीं बहाना, मुझे वो सड़क ही चाहिए। बाहुबल को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें जनता पर रौब दिखाने वाले बाहुबल नहीं चाहिए, बल्कि जनता की एकजुट शक्ति चाहिए। वहीं जाति-धर्म समीकरण पर उन्होंने कहा कि अधिकारी रहते हुए उन्होंने कभी किसी की जाति या धर्म देखकर न्याय नहीं किया और राजनीति में भी वह इन समीकरणों पर काम नहीं करेंगी।
यह भी पढ़ें: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों की बल्ले-बल्ले! इन राज्यों ने बढ़ाई उम्र सीमा; जानें किसे मिलेगा फायदे
उत्तर प्रदेश से शुरू करेंगी राजनीतिक पारी
दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत के लिए उत्तर प्रदेश को चुना है। उत्तर प्रदेश को चुनने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने उन्हें बेटी की तरह अपनाया है। इसी मिट्टी ने उन्हें उनकी पहचान दी है, इसलिए यूपी ही उनकी कर्मभूमि होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि देश और उत्तर प्रदेश के लोग हमेशा सही बदलाव का साथ देते हैं और इस बार भी नया रास्ता दिखाएंगे।