
Modi government's big decision: मोदी सरकार ने केंद्र सरकार के दिव्यांग कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें ट्रांसपोर्ट अलाउंस के रूप में पहले से दोगुनी राशि मिलेगी। पहले जहां उन्हें हर महीने 3200 रुपये का भत्ता दिया जाता था, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 6400 रुपये कर दी गई है। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के तहत चिन्हित दिव्यांगता की श्रेणियों में आते हैं। खास बात यह है कि अब रीढ़ की हड्डी से जुड़ी चोटों (Spinal Injury) को भी लोकोमोटर डिसेबिलिटी में शामिल कर लिया गया है।
किन्हें मिलेगा डबल अलाउंस का लाभ?
इस बढ़े हुए अलाउंस का लाभ वे सभी केंद्रीय कर्मचारी ले सकेंगे जो किसी विशेष दिव्यांगता से ग्रसित हैं, जैसे लोकोमोटर डिसेबिलिटी, दृष्टिहीनता, कम सुनाई देना, वाणी व भाषा विकार, मानसिक बीमारी, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं (जैसे पार्किंसन डिजीज), रक्त से जुड़ी बीमारियां (हीमोफीलिया, थैलेसीमिया) और मल्टीपल डिसेबिलिटी। सरकार ने यह फैसला दिव्यांगजनों की दैनिक यात्रा संबंधी जरूरतों को देखते हुए लिया है ताकि वे ऑटो, टैक्सी या किसी विशेष माध्यम से दफ्तर तक आसानी से पहुंच सकें।
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सरकार का संवेदनशील कदम, आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
यह केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि सरकार की संवेदनशील सोच का प्रतीक है। परिवहन की कठिनाइयों से जूझ रहे दिव्यांग कर्मचारियों को अब बेहतर सहयोग मिलेगा, जिससे उनका आत्मबल और आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ेंगे। हालांकि, 15 सितंबर 2022 को जारी पुरानी गाइडलाइंस की बाकी सभी शर्तें पूर्ववत रहेंगी। इस संशोधन से न सिर्फ दिव्यांगजनों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि उन्हें कार्यस्थल तक पहुंचने में भी मानसिक संबल मिलेगा।