Diwali 2025: भोपाल के मंदिरों में शुरू हुई दिवाली की भव्य तैयारियां, मां लक्ष्मी और भगवान लक्ष्मीनारायण के लिए विदेशों से आ रहे आभूषण व पोशाकें-धनतेरस के साथ दीपोत्सव की शुरुआत होते ही पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बन गया है। भोपाल के प्रमुख मंदिरों में भी दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार राजधानी के महालक्ष्मी मंदिर में भव्य श्रृंगार किया जाएगा, जिसमें मां महालक्ष्मी को 80 तोला सोने के आभूषणों से सजाया जाएगा। देश-विदेश से भक्तों ने स्वर्ण मुकुट, झूमके, कमरबंद और पोशाकें भेजी हैं। मंदिरों में डिजिटल आतिशबाजी और विशेष सजावट के साथ दीपोत्सव मनाया जाएगा।
80 तोला सोने से होगा महालक्ष्मी का श्रृंगार
भोपाल के नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम के महालक्ष्मी मंदिर में इस बार दीपावली पर माता रानी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, मां महालक्ष्मी की चार पोशाकें बहरीन से मंगाई गई हैं, जबकि दो स्वर्ण मुकुट दुबई के भक्तों द्वारा भेंट किए जा रहे हैं। तिरुवनंतपुरम से झूमके, कमरबंद और अंगूठियां मंगाई गई हैं। दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस के दिन फायर शो और डिजिटल आतिशबाजी के साथ होगी।
अहमदाबाद से आएगी लक्ष्मीनारायण की ड्रेस
लक्ष्मीनारायण बिड़ला मंदिर में भी दीपोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भगवान लक्ष्मीनारायण के लिए विशेष आभूषण और ड्रेस अहमदाबाद से लाई जा रही है। मंदिर सुबह से दोपहर 1 बजे तक और शाम से रात 10 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा। पूरे परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया जाएगा।
जगन्नाथ परिसर में 8 किलो चांदी का श्रृंगार
जवाहर चौक स्थित उत्कल समाज के जगन्नाथ परिसर में बने महालक्ष्मी मंदिर में भी मां लक्ष्मी का आकर्षक श्रृंगार होगा। यहां मां को 8 किलो चांदी के आभूषण पहनाए जाएंगे। साथ ही ओडिशा पुरी से आई विशेष पोशाक से देवी का अलंकरण किया जाएगा। इस अवसर पर 1100 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
105 साल पुरानी दीपमालिका से जगमगाएगा श्रीजी मंदिर
लखेरापुरा स्थित श्रीजी मंदिर में दीपोत्सव का आयोजन ऐतिहासिक दीपमालिका के साथ किया जा रहा है। यह दीपमालिका करीब 105 साल पुरानी है और 2 क्विंटल पीतल से बनी है। इसे ‘पिलसोद’ कहा जाता है। इसमें 21 दीपक हैं, और प्रत्येक दीपक में 11 बातियां एक साथ जलती हैं।