Diwali 2026 Calendar: दीपावली का पर्व नजदीक आते ही बाजारों से लेकर घरों तक त्योहार की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। कहीं घरों की सफाई और सजावट की जाती है, तो कहीं लोग नए कपड़े, मिठाइयां और पूजा का सामान खरीदने में जुट जाते हैं। हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। इस दौरान कई त्योहार लगातार आते हैं, जिनमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज प्रमुख हैं। दिवाली के मौके पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। वहीं, धनतेरस पर खरीदारी, गोवर्धन पूजा पर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और भाई दूज पर भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव मनाया जाता है। ऐसे में त्योहारों की तारीखों को लेकर किसी तरह की उलझन न रहे, इसके लिए पहले से पूरा कैलेंडर जान लेना जरूरी है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में दिवाली से जुड़े प्रमुख पर्व कब मनाए जाएंगे और लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए कौन-सा समय शुभ बताया गया है।
धनतेरस 2026 की तारीख और पूजा का समय
दीपावली से जुड़े उत्सवों की शुरुआत धनतेरस से होती है। इसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करने की परंपरा है। कई लोग इस अवसर पर सोना, चांदी, बर्तन और दूसरी उपयोगी चीजें भी खरीदते हैं। पंचांग के अनुसार, धनतेरस पर पूजा का शुभ समय शाम 6:18 बजे से रात 8:10 बजे तक रहेगा। खरीदारी या पूजा की तैयारी करने वाले लोग इस समय को ध्यान में रख सकते हैं।
दिवाली 2026 पर कब होगी लक्ष्मी-गणेश पूजा?
दीपावली पर घरों को दीपों और रोशनी से सजाया जाता है। शाम के समय माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में माता लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी, जबकि भगवान गणेश को शुभ कार्यों और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक बताया गया है। इसकी कुल अवधि एक घंटा 56 मिनट है।
अमावस्या तिथि कब तक रहेगी?
दीपावली की तारीख तय करने में अमावस्या तिथि का खास महत्व होता है। उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार, कार्तिक अमावस्या 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। इसके बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी।
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की तारीख
दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में यह त्योहार 10 नवंबर, मंगलवार को पड़ रहा है। इसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है और कई जगहों पर अन्नकूट का प्रसाद तैयार करके वितरित किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को भारी बारिश से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था। इसी प्रसंग की याद में गोवर्धन पूजा की जाती है। दिए गए पंचांग के मुताबिक, पूजा का शुभ समय सुबह 6:40 बजे से 8:50 बजे तक रहेगा।
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भाई दूज 2026 कब मनाई जाएगी?
भाई दूज के साथ दीपावली के प्रमुख त्योहारों का समापन होता है। साल 2026 में यह पर्व 11 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देते हैं और उनके प्रति अपना स्नेह जताते हैं। भाई दूज भाई-बहन के प्रेम और विश्वास को समर्पित पर्व है।
दिवाली 2026 कैलेंडर
6 नवंबर 2026, शुक्रवार: धनतेरस
7 नवंबर 2026, शनिवार: चतुर्दशी तिथि और छोटी दिवाली
8 नवंबर 2026, रविवार: दिवाली और लक्ष्मी-गणेश पूजा
9 नवंबर 2026, सोमवार: अमावस्या तिथि समाप्त, प्रतिपदा शुरू
10 नवंबर 2026, मंगलवार: गोवर्धन पूजा और अन्नकूट
11 नवंबर 2026, बुधवार: भाई दूज और यम द्वितीया