
धनतेरस से भाई दूज तक के पांच दिनों के त्योहारों में नोएडा के बाजारों में 1,750 करोड़ रुपये के व्यापार की उम्मीद जगी है। रक्षाबंधन से तुलसी विवाह तक फैले पूरे त्योहारी सीजन में नोएडा के बाजारों से 4,500 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है, जबकि नोएडा-गाजियाबाद मिलकर 7,500 करोड़ रुपये का धन प्रवाह देख सकते हैं।
सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने कहा, "इस बार त्योहार व्यापारियों के लिए सोने की खान साबित होंगे। जीएसटी सुधारों से दामों में आई कमी ने ग्राहकों को बाजारों की ओर खींच लिया है, और चेहरों पर चमक लौट आई है।"
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुमान के मुताबिक, पूरे देश में इस दीपावली पर 4.75 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड व्यापार होगा। दिल्ली के बाजारों में ही 75,000 करोड़ का कारोबार होने की संभावना है। जैन ने बताया कि जीएसटी रिफॉर्म्स से 400 से ज्यादा वस्तुओं पर दरें कम होने से उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ी है। खासकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में बंपर बिक्री की उम्मीद है, क्योंकि गाड़ियों के दाम अभूतपूर्व रूप से गिरे हैं। नोएडा-गाजियाबाद के बाजारों में पिछले सालों से ज्यादा भीड़ उमड़ रही है, जो व्यापारियों के उत्साह को दोगुना कर रही है।स्वदेशी उत्पादों पर जोर, कारीगरों को मिलेगी मजबूती
जैन ने जोर देकर कहा कि इस दीपावली में 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' का असर साफ दिखेगा। मिट्टी के दीये, देवी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, हस्तशिल्प सजावट, शुभ-लाभ-ओम जैसे पारंपरिक सामान पर खरीदारी बढ़ेगी। स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को इससे बड़ा लाभ होगा। इसके अलावा, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसोई उपकरण, आभूषण, मिठाई-नमकीन, कपड़े, फर्नीचर, सौंदर्य प्रसाधन, मोबाइल एक्सेसरी, पेंट-प्लाईवुड जैसे क्षेत्रों में भी तेजी की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी आह्वान ने नई संभावनाएं खोली हैं। विदेशी सामान की जगह भारतीय उत्पाद चुनने से बाजारों में नई ऊर्जा आ गई है।"यात्रा और सेवाओं पर भी खर्च का दौर दीपावली से जुड़ी यात्राओं और अन्य सेवाओं पर 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च होने का अनुमान है। पारंपरिक बाजारों से लेकर मॉल तक हर जगह ग्राहकों का उत्साह चरम पर है। जैन ने बताया कि हर वर्ग की भागीदारी से कारोबार मजबूत हो रहा है कुछ परिवार 1,000 रुपये की छोटी खरीदारी कर रहे हैं, तो कई लाखों का निवेश। यह विविधता दीपावली को रिटेल सेक्टर का सबसे बड़ा अवसर बनाती है।कैट के अनुमानित व्यापार ब्रेकअप (कुल 4.75 लाख करोड़ में) सामान
हिस्सेदारी (%)
खाद्य सामग्री, किराना
15
फल, ड्राईफ्रूट
3
मिठाई व नमकीन
5
वस्त्र
15
इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद
10
बिल्डर्स हार्डवेयर
3
होम डेकोर
3
कास्मेटिक
6
बर्तन व किचनवेयर
3
पूजा सामग्री
3
कन्फेक्शनरी व बेकरी
2
फर्निशिंग व फर्नीचर
4
आभूषण एवं सोना-चांदी
10
गिफ्ट आइटम
8
विविध वस्तुएं और सेवाएं
10
व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी कटौती और कम महंगाई ने उपभोक्ताओं के जेब ढीली कर दी है। नोएडा के सेक्टर-18, 27, 53 जैसे बाजारों में रौनक लौट आई है, और गाजियाबाद के विभिन्न बाजारों में में भी भीड़ बढ़ रही है। जैन ने कहा, "यह दीपावली न केवल घरों को रोशन करेगी, बल्कि लाखों व्यापारियों, कारीगरों और सेवा प्रदाताओं के जीवन को भी।" कैट के सर्वे से भी साफ है कि स्वदेशी सामान की मांग में उछाल आया है, जो आर्थिक मजबूती का प्रतीक बनेगा।