Diya Lighting Rules: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने की परंपरा सदियों पुरानी है। माना जाता है कि दीपक का प्रकाश अंधकार को दूर करने के साथ घर में शुभता और सकारात्मक माहौल का प्रतीक है। यही वजह है कि पूजा, व्रत, त्योहार या किसी शुभ कार्य की शुरुआत अक्सर दीप प्रज्वलित करके की जाती है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं और वास्तु परंपरा में दीपक रखने की दिशा और स्थान को लेकर भी कुछ बातें बताई गई हैं। मान्यता है कि सही जगह पर दीपक जलाने से सकारात्मक वातावरण बनता है, जबकि कुछ स्थान ऐसे हैं जहां दीपक रखने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं घर में किन जगहों पर दीपक जलाने की मनाही बताई गई है।
दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से बचें
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में दक्षिण दिशा को यम की दिशा से जोड़ा जाता है। इसलिए घर की दक्षिण दिशा में नियमित रूप से दीपक जलाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस दिशा में दीपक रखने से घर का वातावरण प्रभावित हो सकता है और परिवार में तनाव या आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, अलग-अलग परंपराओं में इसे लेकर मत अलग हो सकते हैं।
बेडरूम में दीपक रखते समय सावधानी
पूजा के अलावा अगर आप घर में दीपक जलाते हैं तो उसे बेडरूम में रखने से बचना चाहिए। खासकर सोने के बिस्तर के बिल्कुल पास या बेड की साइड टेबल पर जलता हुआ दीपक रखना उचित नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यताओं के अलावा व्यावहारिक रूप से भी खुले दीपक को बिस्तर, पर्दे या अन्य ज्वलनशील सामान के पास रखना सुरक्षित नहीं है। इससे आग लगने का खतरा हो सकता है।
सीढ़ियों के नीचे न रखें दीपक
घर में सीढ़ियों के नीचे की जगह को लेकर भी वास्तु में कुछ सावधानियां बताई जाती हैं। इस स्थान पर दीपक जलाना शुभ नहीं माना जाता। सीढ़ियों के नीचे मंदिर बनाने या पूजा सामग्री रखने से भी बचने की सलाह दी जाती है। इस जगह को साफ-सुथरा रखना बेहतर माना जाता है। यहां बेवजह सामान या कबाड़ जमा करके नहीं रखना चाहिए।
रसोई में इन जगहों पर न जलाएं दीपक
रसोई में पूजा या धार्मिक मान्यता के कारण दीपक जलाया जाता है, लेकिन इसे रखते समय स्थान का ध्यान रखना जरूरी है। सिंक, गंदे बर्तनों या कूड़ेदान के पास दीपक जलाने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में इन स्थानों को दीपक के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। अगर रसोई में दीपक जलाना हो तो साफ और सुरक्षित जगह का चयन करें। गैस चूल्हे या पानी रखने की निर्धारित जगह के आसपास दीपक रखने की परंपरा कुछ घरों में देखी जाती है, लेकिन आग के खतरे को देखते हुए उसे सुरक्षित दूरी पर रखना जरूरी है।
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दीपक जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
दीपक जलाने के साथ उसकी साफ-सफाई और सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा में घी, तिल का तेल या सरसों के तेल का दीपक इस्तेमाल किया जाता है। अगर मिट्टी का दीपक जला रहे हैं तो टूटा या खंडित दीपक इस्तेमाल न करने की परंपरा है। दीपक हमेशा साफ स्थान पर रखें और जिस जगह इसे जलाना हो, वहां पहले अच्छी तरह सफाई कर लें। सबसे जरूरी बात यह है कि जलते दीपक को ऐसी जगह न रखें जहां बच्चे या पालतू जानवर उसे आसानी से गिरा सकें या उसके आसपास पर्दे, कागज, कपड़े जैसी ज्वलनशील चीजें हों।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।