ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ देखने को मिला। इटली के लॉरेंजो मुसेटी नोवाक जोकोविच के खिलाफ शानदार खेल दिखा रहे थे और पहले दो सेट अपने नाम कर चुके थे। ऐसा लग रहा था कि जोकोविच इस मुकाबले से बाहर हो जाएंगे। लेकिन तभी मैच में ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। तीसरे सेट के दौरान मुसेटी चोटिल हो गए और मुकाबला बीच में ही खत्म हो गया।
चोट ने रोका मुसेटी का सफर
तीसरे सेट की शुरुआत में ही लॉरेंजो मुसेटी को ग्रोइन में गंभीर चोट लग गई। इसके बाद वह ठीक से दौड़ भी नहीं पा रहे थे। दर्द के बावजूद उन्होंने खेलने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए। जब वह 1-3 से पीछे हो गए, तब उन्होंने मैच छोड़ने का फैसला लिया। इसी के साथ नोवाक जोकोविच को वॉकओवर के जरिए सेमीफाइनल का टिकट मिल गया।
जोकोविच ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड
इस जीत के साथ नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में इतिहास रच दिया। मेलबर्न में यह उनकी 103वीं जीत रही। इसके साथ ही उन्होंने रोजर फेडरर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में अपने करियर में 102 मैच जीते थे। भले ही यह जीत संघर्ष से नहीं आई, लेकिन रिकॉर्ड के लिहाज से यह जोकोविच के करियर की एक बड़ी उपलब्धि बन गई।
जोकोविच ने दिखाई खेल भावना
मैच के बाद नोवाक जोकोविच ने लॉरेंजो मुसेटी के लिए खुलकर अपनी भावनाएं रखीं। उन्होंने साफ कहा कि उस समय वह मैच हार रहे थे और मुसेटी बेहतर खिलाड़ी साबित हो रहे थे। जोकोविच ने कहा कि अगर चोट नहीं लगती, तो जीत मुसेटी की ही होती। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि क्वार्टर फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दो सेट की बढ़त के बाद मैच छोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत दर्दनाक होता है।
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पहले भी मिल चुका है वॉकओवर
यह पहला मौका नहीं है जब इस टूर्नामेंट में जोकोविच को वॉकओवर मिला हो। इससे पहले चौथे दौर में भी उन्हें बिना खेले ही जीत मिली थी। उस मैच में उनके विरोधी जैकब मेन्सिक चोट के कारण मुकाबले से हट गए थे। लगातार दो राउंड में वॉकओवर मिलना अपने आप में दुर्लभ है और इस पर भी टेनिस जगत में चर्चा हो रही है।
अब सेमीफाइनल पर नजरें
अब नोवाक जोकोविच सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। उनका अगला मुकाबला यानिक सिनर और बेन सेल्टन के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। जोकोविच का अनुभव और रिकॉर्ड उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है, लेकिन सामने जो भी खिलाड़ी होगा, मुकाबला आसान नहीं रहेगा। फैंस को अब यह देखना है कि क्या जोकोविच इस बार भी ऑस्ट्रेलियन ओपन की ट्रॉफी अपने नाम कर पाएंगे या नहीं।