लखनऊ। संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने ऐसा ताबड़तोड़ एक्शन लिया कि जिले के कई इलाकों में खलबली मच गई। जिलाधिकारी डॉ. सोमवार तड़के राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई खुद सड़क पर उतरे। बिजली विभाग व पुलिस के वरिष्ठ अफसरों के साथ मिलकर मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़ी रेड को अंजाम दिया।
यह हाई-प्रोफाइल अभियान सोमवार सुबह 5.30 बजे से 8.30 बजे तक करीब तीन घंटे चला। राय सत्ती थाना क्षेत्र के दीपा सराय और हयात नगर थाना क्षेत्र के सराय तरीन में टीमों ने घर-घर, दुकानों, डेयरियों और सार्वजनिक स्थानों पर गहन जांच की। खास बात यह रही कि यह कार्रवाई दीपा सराय से शुरू की गई। प्रशासन ने यह साफ कर दिया कि कानून के सामने कोई इलाका, कोई पहचान और कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं चलता.
छापेमारी के दौरान मुस्तफा मस्जिद परिसर में बिजली चोरी पकड़ी गई। वहीं एक घर में अवैध रूप से बिजली चोरी कर डेयरी चलाने का मामला सामने आया। इसके अलावा कई स्थानों पर ई-रिक्शा चार्जिंग के नाम पर चोरी की पुष्टि हुई। अवैध तार, ओवरलोडिंग और सीधे लाइन से कनेक्शन के पुख्ता सबूत जुटाए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जहां-जहां बिजली चोरी पकड़ी गई है, वहां संबंधित लोगों को चिह्नित कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही नियमानुसार जुर्माना व कानूनी कार्रवाई होगी। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा और चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया।
डीएम संभल डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि बिजली चोरी न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ भी डालती है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियानों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 150 करोड़ रुपये की बचत हुई है। यह अभियान किसी एक दिन का नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगा।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संभल में बिजली चोरी पर जीरो टॉलरेंस है। चाहे वह एसपी सांसद जियाउर्रहमान बर्क का इलाका हो या कोई और क्षेत्र, नियम सबके लिए एक जैसे हैं और अब बिजली चोरों पर सीधी कार्रवाई तय है।