DMRC: अगर आप भी दिल्ली मेट्रो में आए दिन सफर करते रहते हैं. साथ ही बिना सोचे-समझे मेट्रो कोच में चढ़ जाते हैं तो सावधान हो जाएं. क्योंकि डीएमआरसी ने नियमों को सख्त कर दिया है. अब आपको मेट्रो के महिला कोच में सफर करना महंगा पड़ सकता है. यानि आपको भारी-भरकम जुर्माना चुकाना पड़ सकता है. दिल्ली मेट्रो में हर चीज को लेकर नियम बने हैं. इनका उल्लंघन करने पर आपके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.
क्यों लग सकता है जुर्माना?
आप अगर पुरुष हैं और दिल्ली मेट्रो से सफर करने जा रहे हैं तो ध्यान रहे आपको महिला कोच में नहीं घुसना है. क्योंकि यदि गलती से भी आप महिला कोच में घुंस गए तो आपको परेशानी हो सकती है. यही नहीं रेलवे प्रशासन आपके नाम मोटा चालान भी बना सकता है. आप अगर उस कोच में ट्रैवल करते हुए मिल जाते हैं आपके ऊपर कार्रवाई हो जाएगी. इसलिए आपको ये सुनिश्चित करना होगा कि आप लेडीज कोच में यात्रा न करें.
कहां होता है लेडीज कोच?
अगर आप पहली बार दिल्ली मेट्रो में ट्रैवल करते हैं तो कॉमन सी बात है कि आपको नहीं पता होगा कि लेडीज डिब्बा कहां होता है तो बता दें, गाड़ी की दिशा में पहला डिब्बा होता है. ये डिब्बा महिलाओं के लिए आरक्षित होता है. कोई भी पुरुष इसमें यात्रा नहीं कर सकता है.
इन लोगों का कट सकता है जुर्माना
लोगों के मन में हमेशा एक सवाल आता है कि आखिर क्यों ये खास डिब्बा बनाया गया है. तो बता दें, छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार से महिलाओं को बचाने के लिए पहला डिब्बा आरक्षित किया गया है. महिलाएं इस डिब्बे में बिना डरे सफर कर सकती हैं. बता दें, कई मेट्रो स्टेशन ऐसे हैं, जहां फ्लाइंग स्काव्ड तैनात रहता है. फ्लाइंग स्कावड को अगर कोई आदमी महिला डिब्बा में ट्रैवल करता मिलता है तो उससे 250 रुपये का जुर्माना काटा जा सकता है.