CTET Exam: सरकारी नौकरी में सबसे अच्छी नौकरी कोई होती है तो वो टीचर की नौकरी होती है। युवाओं में खासकर महिलाओं की पहली पसंद टीचर बनना होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर टीचर बनने के लिए क्या करना होता है और कौन सी परीक्षा देनी होनी थी। सरकारी शिक्षक बनने की राह में CTET का क्या रोल होता है? अगर आप अगले साल फरवरी में होने वाली सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने वाले हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। तो आइए जानते हैं कि एक प्राथमिक सरकारी शिक्षक बनने के लिए क्या-क्या योग्यता होनी चाहिए।
सीटीईटी परीक्षा क्या है
आपको बता दें कि केवल CTET पास करने से ही सरकारी शिक्षक नहीं बन जाते हैं। सीटीईटी परीक्षा केवल एक पात्रता (Eligibility) परीक्षा है। इसे पास करने के बाद किसी भी राज्य में निकली शिक्षक वैकेंसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। सीटीईटी का फुल फॉर्म केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा होता है। यह परीक्षा सेंट्रल लेवल पर आयोजित की जाती है। यह परीक्षा साल में दो बार होती है, एक बार जून और दूसरी बार दिसंबर में।
प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए योग्यता
बता दें कि सरकारी प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए आपको 12वीं पास होना आवश्यक है। साथ ही किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए(मिनिमम 50% मार्क्स होने चाहिए)। D.El.Ed यानी डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन में उत्तीर्ण होना चाहिए। CTET/TET(PRT) परीक्षा पास भी होना चाहिए।
टीईटी परीक्षा क्या है
टीईटी (TET) का मतलब शिक्षक पात्रता परीक्षा है, जो भारत में सरकारी स्कूलों (कक्षा 1 से 8 तक) में शिक्षक बनने के लिए एक अनिवार्य योग्यता परीक्षा है। इस परीक्षा का आयोजन स्टेट लेवल पर किया जाता है। टीईटी परीक्षा का आयोजन राज्य के आधार पर साल में एक या दो बार किया जाता है।