सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पावन समय माना जाता है। खासकर सोमवार के दिन शिवभक्त व्रत रखते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय अपनाते हैं। इस बार सावन का दूसरा सोमवार और भी खास है क्योंकि यह कई शुभ योगों के साथ आ रहा है। लेकिन श्रद्धा के साथ पूजन करने के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि कौन-सी चीजें भगवान शिव को अर्पित नहीं करनी चाहिए। यदि अनजाने में भी ये वस्तुएं शिवलिंग पर चढ़ा दी जाएं तो पूजा का फल नष्ट हो सकता है और भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं।
सावधान! भोलेनाथ को न चढ़ाएं ये चीजें
तुलसी के पत्ते
भगवान विष्णु को जहां तुलसी अत्यंत प्रिय है, वहीं शिवपुराण के अनुसार शिवजी को तुलसी पत्र अर्पित करना वर्जित है। एक कथा के अनुसार तुलसी देवी ने शाप के कारण शिव पूजन में वर्जित हो गईं।
केतकी का फूल
शिवलिंग पर कभी भी केतकी का फूल नहीं चढ़ाना चाहिए। यह वही फूल है जिसने ब्रह्मा जी के झूठ को प्रमाणित किया था, जिससे शिवजी ने इसे अपने पूजन से वर्जित कर दिया।
हल्दी
हल्दी को सौंदर्य और स्त्रियों से जुड़ा हुआ माना गया है। चूंकि भगवान शिव वैरागी हैं, इसलिए उन्हें हल्दी अर्पित करना वर्जित माना गया है।
नारियल पानी
शिवलिंग पर नारियल पानी अर्पित करना शास्त्रों में वर्जित है। नारियल को संकल्प और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है, जो सिर्फ विशेष अनुष्ठानों में उपयोग होता है।
टूटा या खंडित बेलपत्र
भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है, लेकिन यदि वह फटा हुआ, सूखा या गंदा हो, तो उसे अर्पित करना वर्जित है। इससे पुण्य की जगह दोष लगता है।
शिव भक्ति में रखें सावधानी
सच्ची श्रद्धा के साथ यदि शिव आराधना की जाए तो भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन पूजा में की गई छोटी-सी गलती भी पूरे पुण्य को निष्फल कर सकती है। अतः सावन के इस पावन अवसर पर शिव पूजन की विधियों के साथ-साथ इन वर्जित चीजों का ध्यान अवश्य रखें।सावन के दूसरे सोमवार को शिवभक्त अगर सच्ची भावना के साथ पूजा करें और वर्जित चीजों से परहेज रखें, तो शिवशंकर की कृपा से जीवन की सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं।