
Copper Glass : आजकल तांबे यानी कॉपर के बर्तन फिर से फैशन और सेहत दोनों कारणों से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं. आयुर्वेद में भी तांबे के बर्तन में पानी पीने के अनेक फायदे बताए गए हैं — जैसे पाचन शक्ति बढ़ाना, इम्युनिटी सुधारना और शरीर से टॉक्सिन्स निकालना. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर चीज़ कॉपर के गिलास में पीना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता? खासकर शेक, ठंडे पेय या खट्टे पदार्थ कॉपर के गिलास में पीना शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. आइए जानें आखिर क्यों.
कॉपर के गिलास में शेक या ठंडे पेय क्यों नहीं पीने चाहिए
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि कॉपर एक रिएक्टिव मेटल है, यानी यह अन्य पदार्थों के साथ आसानी से प्रतिक्रिया करता है. जब हम दूध, फलों या ठंडी चीज़ों से बने शेक जैसे पेय कॉपर के गिलास में डालते हैं, तो उसमें मौजूद एसिड (जैसे साइट्रिक एसिड, लैक्टिक एसिड या टैट्रिक एसिड) तांबे के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करता है. इस प्रतिक्रिया से कॉपर आयन (Copper ions) पेय में घुल जाते हैं. अगर ऐसे पेय को पी लिया जाए, तो शरीर में कॉपर की मात्रा असंतुलित हो जाती है, जिसे कॉपर टॉक्सिसिटी या कॉपर पॉइजनिंग कहा जाता है.
टॉक्सिसिटी के लक्षण
कॉपर टॉक्सिसिटी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं, जैसे मतली, उल्टी, सिरदर्द, पेट दर्द, और लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन करने पर लीवर और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है. बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर और भी गंभीर हो सकता है क्योंकि उनका शरीर मेटल्स को डिटॉक्सिफाई करने में कमजोर होता है. इसलिए कॉपर के बर्तन का उपयोग करते समय यह समझना बहुत ज़रूरी है कि किन चीज़ों को उसमें रखना चाहिए और किन्हें नहीं.
कॉपर का बर्तन केवल साधारण पानी रखने के लिए उपयुक्त माना जाता है, वह भी सीमित समय के लिए. आयुर्वेद के अनुसार, रातभर कॉपर के बर्तन में रखा पानी सुबह पीने से शरीर के दोष (वात, पित्त, कफ) संतुलित रहते हैं। लेकिन दूध, दही, नींबू, आम, संतरा, टमाटर जैसे खट्टे या डेयरी पदार्थ कॉपर के साथ मिलकर हानिकारक यौगिक बना सकते हैं। यही कारण है कि शेक, स्मूदी या जूस को कॉपर के गिलास में नहीं रखना चाहिए.
इसके अलावा, ठंडे पेय या बर्फ वाले ड्रिंक भी कॉपर के लिए सही नहीं होते क्योंकि तापमान में बदलाव से धातु की सतह पर ऑक्सीकरण तेज़ी से होता है. ऑक्सीकरण के कारण तांबे की ऊपरी परत काली पड़ जाती है और उसमें से हानिकारक पदार्थ निकल सकते हैं। इस वजह से अगर आप शेक जैसे पेय कॉपर के गिलास में रखेंगे, तो उसका स्वाद भी बिगड़ जाएगा और सेहत पर भी बुरा असर पड़ेगा.
संक्षेप में कहा जाए तो कॉपर का बर्तन उपयोगी है, लेकिन सीमित रूप में और सही तरीके से। उसमें केवल सादा पानी ही रखना चाहिए, वह भी कुछ घंटों से ज़्यादा नहीं. कॉपर के गिलास में दूध, फलों के रस, शेक या ठंडे पेय रखने से बचना चाहिए, क्योंकि यह सेहत के लिए लाभ के बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। सेहत का ध्यान रखते हुए अगर आप कॉपर के बर्तन का सही उपयोग करेंगे, तो यह शरीर के लिए वरदान बन सकता है — लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यही वरदान अभिशाप बन सकता है.