Health Tips: रात को सुकून की नींद पाने के लिए अक्सर लोग अपनी सहूलियत के हिसाब से सोते हैं, वहीं कुछ लोगों को पतला तकिया पसंद नहीं होता है, इसलिए वे सोते समय तकिए को मोड़ लेते हैं या सिर के नीचे दो-दो तकिए लगा लेते हैं। शुरुआत में ऐसा करने से आराम मिलता है, लेकिन लंबे समय तक यह आदत आपकी सेहत को बिगाड़ सकती है। तो आइए जानते हैं कि तकिया मोड़ कर लगाने के क्या-क्या नुकसान होते हैं।
गर्दन और कंधों पर बढ़ता है दबाव
तकिया ज्यादा ऊंचा होने से सोते समय गर्दन आगे की तरफ झुक जाती है, जिससे गर्दन की मांसपेशियों पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है। इस स्थिति में लगातार सोने से सुबह उठने पर गर्दन में जकड़न, कंधों में खिंचाव और सिर भारी रहने की समस्या होने लगती है। कई बार यह दर्द पीठ तक भी पहुंच जाता है। खासकर पेट के बल सोने वाले लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस स्थिति में गर्दन पहले ही एक तरफ मुड़ी रहती है।
नींद होती है खराब
जब सोते समय शरीर को सही पोश्चर नहीं मिलता है, तो बार-बार करवटें बदलनी पड़ती है। इससे रात भर नींद टूटती रहती है। यही वजह है कि 7-8 घंटे सोने के बाद भी लोग सुबह उठकर थकान महसूस करते हैं। दूसरी ओर बहुत अधिक नरम तकिया भी नुकसानदेग होता है, क्योंकि उसमें सिर ज्यादा धंस जाता है, जिससे गर्दन का संतुलन बिगड़ता है। इसलिए तकिया चुनते समय केवल उसकी मोटाई नहीं, बल्कि आराम और गर्दन की सही स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए।
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कैसा होना चाहिए तकिया
तकिया ऐसा होना चाहिए जो सोते समय सिर और गर्दन को रीढ़ की हड्डी के साथ सीधी रेखा में रखे। साथ ही ऐसा तकिया चुनें जो सिर और गर्दन के बीच के खाली हिस्से को ठीक से भर सके। इसके अलावा बहुत ऊंचे तकिए के बजाय हल्के या पतले तकिए का इस्तेमाल करें और अगर आपको तकिया मोड़कर सोने की आदत है, तो धीरे-धीरे उसकी ऊंचाई कम करने की कोशिश करें। सही तरीके से सोना शरीर को आराम देने के साथ दिनभर की थकान कम करने में भी मदद करता है।