सुंदर चंदेल/ नई दिल्ली
Delhi Blast Exclusive: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच में एक खतरनाक और संगठित साज़िश का खुलासा हुआ है। आरोप है कि एक 'डॉक्टर मॉड्यूल' ने जैश-ए-मोहम्मद से प्रेरित होकर 6 दिसंबर को — बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर — राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कई स्थानों पर समन्वित धमाके करने की योजना बनाई थी। जांच में बड़े पैमाने पर विस्फोटकों, कई वाहनों और संगठित तार-तमाम के सबूत मिले हैं। हालांकि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने सभी मंसूबों पर अब पानी फेर दिया है...गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा है अब आतंक को जड़ से मिटाने का समय आ गया है। आतंकियों व उनसे जुड़े लोगों को वो सजा मिलेगी, जिसे दुनिया याद रखेगी।
साज़िश का पूरा ढांचा
जांचकर्ताओं के अनुसार यह मॉडูล शारीरिक रूप से 'हाई-प्रोफ़ाइल' यानी चिकित्सकीय पृष्ठभूमि वाले सदस्यों से बना था। आरोपियों ने अगस्त में हमले की योजना बनाई थी, जिसे बाद में 6 दिसंबर पर टार्गेट किया गया — तारीख का उद्देश्य बाबरी विध्वंस का बदला लेना बतलाया गया। इस मॉड्यूल से जुड़े कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी और पूछताछ ने इस बहु-मंचीय योजना के कई पहलू उजागर किए।
लक्ष्यों और चरणबद्ध रणनीति का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक मॉड्यूल ने पहले इम्प्रोवाइज़्ड विस्फोटक उपकरण (IED) व कच्चा माल जुटाया, फिर रासायनिक/घातक IED बनाने व संभावित लक्ष्यों की रेकी की। उसके बाद बमों का वितरण और संबंधित शहरों में समन्वित हमले की योजना बनाई जानी थी — जिसमें दिल्ली-NCR के कम से कम छह स्थानों पर धमाके शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि मूल रूप से योजना में कई चरण थे जो ठोस रूप में तैयार किए गए थे।
वाहनों और विस्फोटकों का नेटवर्क
जांच में यह भी पता चला कि साज़िश में दर्जनों वाहनों की भूमिका तय थी; कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि 32 कारों को विस्फोटक ढोने या बम लगाने के लिये तैयार किया जा रहा था। साथ ही दूसरी छापेमारी में बड़े पैमाने पर विस्फोटक पदार्थ और हथियार बरामद होने की ख़बरें सामने आईं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि हमले का पैमाना बेहद व्यापक होना था।
घटना-स्वरूप और अब तक के सबूत
लाल किले के पास हुई दुर्घटना में घायल और मारे गए लोगों की त्रासदी के बीच जांच एजेंसियाँ डीएनए, फोरेंसिक और तार-तलाशी के जरिए साक्ष्य जोड़ रही हैं। शुरुआती जांच में कार के भीतर मिली सामग्री और मॉड्यूल सदस्यों के फोन/संदेशों ने नेटवर्क की पोल खोलने में मदद की है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक स्थानीय घटना नहीं — बल्कि एक बहु-राज्यीय, सुनियोजित आतंकी साज़िश थी।
क्या नया नज़र आता है और आगे की जांच
जांच अभी जारी है और एजेंसियाँ देश भर में सम्भावित सहयोगियों व सपोर्ट नेटवर्क की तलाश कर रही हैं। तथ्य साबित होने तक आरोप जांच के दायरे में रहेंगे, पर उपलब्ध सबूत बताते हैं कि यह किसी तात्कालिक 'लोन वुल्फ' हमला नहीं, बल्कि संगठनात्मक रूप से तैयार किया गया आतंकवादी प्रयास था। सार्वजनिक सुरक्षा और संवेदनशील स्थलों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।