देश की राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना के बाद से एजेंसियां गहनता से मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस कार में धमाका हुआ उसमें डॉक्टर उमर नबी मौजूद था. वह फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज में नौकरी करता था. ये अल फलाह यूनिवर्सिटी वही है जहां के डॉ. मुजम्मिल शकील को पुलिस ने कुछ दिन पहले अरेस्ट किया था और उसके कमरे से अमोनियम नाइट्रेट, एक एके-47 राइफल और गोला-बारूद जब्त किया गया था.
दिल्ली कार ब्लास्ट में केवल डॉक्टर उमर और डॉ. मुजम्मिल का नाम ही सामने नहीं आ रहा है, बल्कि तीन और डॉक्टर जांच एजेंसियों के घेरे में हैं. इनके नाम डॉक्टर शाहीन, डॉक्टर आदिल और डॉक्टर मोहिउद्दीन है. दिल्ली ब्लास्ट के लिए पांच डॉक्टरों की इस गैंग को जिम्मेदार बताया जा रहा है.
ब्लास्ट वाली कार में सवार था डॉ. उमर!
डॉक्टर उमर वो है जो कि ब्लास्ट वाली कार में सवार था. वह पुलवामा का रहने वाला था. इसके साथ ही उमर डॉ. अदील का करीबी सहयोगी था. उमर ने श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमडी मेडिसिन की पढ़ाई की. इसके बाद जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट के रूप में काम किया, फिर दिल्ली आ गया. इसे ही दिल्ली ब्लास्ट का मास्टरमाइंड कहा जा रहा है. डॉक्टर उमर अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाया करता था.
डॉक्टर उमर की भाभी का कहना है कि पुलिस उमर की मां, मेरे शौहर और देवर को लेकर गई है. पूछताछ की जाएगी. उमर बहुत अच्छे इंसान थे. उमर के पिता की दिमागी हालत ठीक नहीं है. मैं पूरे विश्वास के साथ कहती हूं उनकी मैंटिलिटी ऐसी नहीं थी. ब्लास्ट में डॉक्टर उमर मोहम्मद के रोल को लेकर दिल्ली पुलिस जम्मू-कश्मीर पुलिस के संपर्क में बनी हुई है. कल सोमवार को फरीदाबाद में बड़ी मात्रा में जैश से जुड़े मॉड्यूल से अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था और जिस i 20 कार में ब्लास्ट हुआ, वो भी दिल्ली में उसी तरफ़ बदरपुर बॉर्डर से एंट्री करते दिखी, इसीलिए शक जताया जा रहा है कि कार में मॉड्यूल फरार संदिग्ध डॉक्टर उमर ही सवार था.
डॉक्टर मुजम्मिल कौन है?
दरअसल जम्मू कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान कुछ दिन पहले डॉक्टर मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया था. वह सीनियर डॉक्टर हैं और फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस में ही रहा करता था. पिछले तकरीबन साढ़े 3 साल से वह यहां पर रह रहा था. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को उसके ठिकाने से तकरीबन 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था. मुजम्मिल ने धोज इलाके में भी एक कमरा किराए पर ले रखा था. पुलिस सूत्रों के अनुसार तकरीबन 15 दिन पहले ही अमोनियम नाइट्रेट डॉक्टर मुजम्मिल तक पहुंचा था. वह अमोनियम नाइट्रेट आठ बड़े सूटकेस और चार छोटे सूटकेस में छुपा कर रखा गया था.
जैश के पोस्टर लगाने पर अरेस्ट हुआ था आदिल
यूपी के सहारनपुर में डॉक्टर आदिल अहमद राठर काम करता है. जिसे श्रीनगर पुलिस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाने के आरोप में अरेस्ट कर लिया था. बताया जा रहा है कि हाल ही में कुछ क्षेत्रों में इन पोस्टरों की वजह से तनाव बढ़ गया था. पुलिस ने जांच के बाद डॉक्टर की पहचान की और उसे अंबाला रोड स्थित अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया गया. डॉ. आदिल जम्मू कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला बताया जा रहा है. वह पिछले कुछ समय से सहारनपुर के एक अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत था. इसके साथ ही उसने चार अक्टूबर को यहां की एक महिला डॉक्टर से निकाह भी किया था. सहारनपुर पुलिस की मानें तो स्थानीय स्तर पर उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.
डॉ. शाहीन को भी किया था गिरफ्तार
पुलिस द्वारा डॉक्टर आदिल के अलावा लखनऊ की डॉक्टर शाहीन शाहिद को भी गिरफ्तार किया गया था. शाहीन मुजम्मिल की काफी करीबी बताई जा रही है और मुजम्मिल शाहीन शाहिद की गाड़ी से ही घूमता था. शाहीन शाहिद की गाड़ी से ही पुलिस को हथियार भी बरामद हुए हैं.
ATS ने डॉ. मोहिउद्दीन को किया था अरेस्ट
गुजरात ATS ने अहमदाबाद में एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था. जिसका मास्टरमाइंड कोई आतंकी नहीं, बल्कि एक डॉक्टर निकला था. उसका नाम डॉ. अहमद मोहिउद्दीन है. इसने चीन से MBBS की डिग्री हासिल की है. उसके इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस से कनेक्शन मिले हैं. डॉ. मोहिउद्दीन ने अरंडी के तेल के जरिए राइसिन जहर तैयार करने का प्रयोग शुरू कर दिया था. उसके ठिकाने से चार लीटर आरंडी तेल, तीन मोबाइल, दो लैपटॉप और 30 जिंदा कारतूस बरामद हुए.