Amaravti News: आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में हिट एंड रन की दर्दनाक घटना में मेडिकल छात्रा डॉ. प्रियंका की मौत हो गई। 3 अगस्त की रात सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह करीब छह दिन तक इलाज और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहीं। आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।
फिल्म देखकर निकली थीं, तभी हुआ दर्दनाक हादसा
डॉ. प्रियंका 3 अगस्त की रात अपने साथी उमेश के साथ राजमहेंद्रवरम के एक शॉपिंग मॉल गई थीं। फिल्म देखने के बाद दोनों स्कूटी से बाहर निकले। इसी दौरान शराब के नशे में कार चला रहे दो युवकों का मॉल के सुरक्षाकर्मियों से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद दोनों तेज रफ्तार में कार लेकर बाहर निकले और रास्ते में प्रियंका और उमेश की स्कूटी को टक्कर मार दी।
हादसे के बाद आरोपी मौके से भाग निकले
टक्कर के बाद प्रियंका और उमेश गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि कार सवार दोनों युवक रुकने के बजाय मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की और प्रियंका को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना ने मेडिकल छात्रों और उनके परिवारों में भी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया।
छह दिन तक वेंटिलेटर पर रहीं प्रियंका
हादसे के बाद डॉ. प्रियंका को जीएसएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बाद में उन्हें हैदराबाद रेफर किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में करीब छह दिन तक उनका इलाज चला और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। प्रियंका की मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार में मातम पसर गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दोनों आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने 6 अगस्त को एस दसवांत और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड्स को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को 21 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
CM नायडू ने 20 लाख की मदद का किया ऐलान
डॉ. प्रियंका की मौत पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा सुनिश्चित करने की बात कही है। बताया गया है कि प्रियंका अपने परिवार की पहली डॉक्टर थीं। उनके परिवार ने जिस बेटी से भविष्य की उम्मीदें लगा रखी थीं, उसकी सड़क हादसे में मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।