दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण धमाके के बाद जांच एजेंसियां अब मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी को लेकर नई जानकारियां जुटा रही हैं। माना जा रहा है कि धमाके के वक्त उमर खुद उसी कार में था जिसके परखच्चे उड़ गए। जांच एजेंसियां पुलवामा में उसके परिवार से डीएनए सैंपल ले चुकी हैं ताकि यह पुष्टि हो सके कि धमाके में मारे गए शख्स की पहचान उमर से मेल खाती है या नहीं। बताया जा रहा है कि उमर कभी डॉक्टर था, लेकिन हाल के वर्षों में उसका व्यवहार और सोच में बड़ा बदलाव आया था।
मरीज की मौत बनी थी करियर का अंत
साल 2023 में उमर अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम कर रहा था। लेकिन मरीजों और स्टाफ के साथ बदतमीजी की कई शिकायतें उसके खिलाफ दर्ज हुईं। एक गंभीर मरीज की मौत के बाद उस पर लापरवाही का आरोप लगा और अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में यह साफ हुआ कि घटना के वक्त उमर ड्यूटी से गायब था। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद उसे कॉलेज से निकाल दिया गया।
अस्पताल से निकलकर पहुंचा हरियाणा, फिर बना संदिग्ध
अस्पताल से बर्खास्तगी के बाद उमर ने हरियाणा की अल-फलाह मेडिकल यूनिवर्सिटी में काम शुरू किया। लेकिन धीरे-धीरे उसका संपर्क संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ गया। दिल्ली धमाके के बाद जब उसका नाम सामने आया, तो उसके प्रोफेसर डॉ. गुलाम जीलानी ने बताया कि उमर पहले से ही अनुशासनहीन था और उसका रवैया लगातार बिगड़ता जा रहा था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि एक डॉक्टर आखिर कैसे आतंक की राह पर चला गया।