UP News: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए अब नयी तैयारी शुरु हुई है। अब प्रदेश में संविदा पर डाक्टरों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए आनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। डॉक्टर के खाली पदों पर अब हर महीने साक्षात्कार होगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी हर माह की 15 तारीख को साक्षात्कार करेगी।
रिक्त पदों का विवरण दर्ज होगा
हर साल मई और नवम्बर के महीने में ऑनलाइन रिक्त पदों का विवरण दर्ज होगा। एमबीबीएस चिकित्सकों को एक लाख प्रतिमाह मानदेय मिलेगा जबकि विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए 2.5 लख रुपए मानदेय की व्यवस्था होगी। बुंदेलखंड और आकांक्षी जिलों या ब्लॉकों में तीन लाख रुपये प्रतिमाह तक वेतन दिया जा सकेगा।
चयनित डॉक्टरों को प्रदेश के सभी जिलों में तैनात किया जाएगा
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के निर्देशन में यह नयी व्यवस्था बनायी गयी है। 1056 भर्ती ऑनलाइन रिवर्स बीडिंग मॉडल के माध्यम से हो रही है।यह भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा करवाई जा रही है चयनित डॉक्टरों को प्रदेश के सभी जिलों में तैनात किया जाएगा।
यूपी में डॉक्टरों की कमी
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानक है: 1000 लोगों पर एक डॉक्टर।यूपी में यह संख्या 19,000 लोगों पर एक डॉक्टर है, जो मानक से बहुत कम है।2391 डॉक्टरों की और भर्ती होनी है, जिसके लिए कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी है यूपी जैसे बड़े राज्य में (22 करोड़ आबादी) डॉक्टरों की यह कमी स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा प्रभाव डाल रही है ।
कई बार सविंदा पर डॉक्टरों की भर्ती की गई
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में कई बार संविदा (कॉन्ट्रैक्ट/हॉनोररियम) पर डॉक्टरों की भर्ती की गई है — 2024 में 1056 डॉक्टर एनएचएम रिवर्स बीडिंग के तहत, 504 डॉक्टर संविदा पर इंटरव्यू के आधार पर, 2025–26 में 710 पदों पर साक्षात्कार, और 2021–24 के दौरान 1903+ संविदा डॉक्टरों की भर्ती । 2025–26 के दौरान 2000+ विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की योजना भी प्रस्तावित रही है ।वर्ष 2024 में (एनएचएम रिस्ट्रक्चर/रिवर्स बीडिंग) के तहत 1056 संविदा डॉक्टर, भर्ती हुए।