
Fact Of Chloroform : फिल्मों और टीवी शोज़ में आपने अक्सर देखा होगा कि कोई किरदार पीछे से आता है, रूमाल पर कोई दवा (अक्सर क्लोरोफॉर्म) डालकर दूसरे के मुंह पर रखता है, और कुछ ही सेकंड में वह व्यक्ति बेहोश हो जाता है. यह सीन इतना आम हो गया है कि लोग मानने लगे हैं कि chloroform वाकई में इतनी जल्दी किसी को बेहोश कर सकता है. लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है? क्या वैज्ञानिक और मेडिकल दृष्टिकोण से यह संभव है? आइए जानते हैं इस धारणा के पीछे की हकीकत.
क्लोरोफॉर्म क्या होता है?
क्लोरोफॉर्म (Chloroform), जिसका रासायनिक नाम ट्राइक्लोरोमीथेन (CHCl₃) है, एक रंगहीन, मीठी गंध वाली तरल गैस है जिसे 19वीं सदी में एक एनेस्थीसिया यानी बेहोशी के लिए उपयोग किया जाता था. पुराने ज़माने में डॉक्टर सर्जरी से पहले मरीज़ को बेहोश करने के लिए इसका इस्तेमाल करते थे, लेकिन समय के साथ इसके खतरे सामने आने लगे और इसका प्रयोग बंद कर दिया गया.
क्या क्लोरोफॉर्म से कोई 5 सेकंड में बेहोश हो सकता है?
साइंटिफिक रिसर्च के अनुसार, क्लोरोफॉर्म से किसी व्यक्ति को बेहोश करने में कम से कम 2 से 5 मिनट लगते हैं — वो भी तब जब व्यक्ति लगातार इसकी भाप को गहरी सांसों के साथ सूंघता रहे. साथ ही, यह पूरी प्रक्रिया नियंत्रित वातावरण में की जाती है, जैसे ऑपरेशन थियेटर में, जहां डॉक्टर्स मरीज की स्थिति पर पूरी निगरानी रखते हैं.
इसके विपरीत, फिल्मों में यह दिखाया जाता है कि जैसे ही कोई रूमाल मुंह पर रखा जाता है, 3-4 सेकंड में व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है — यह पूरी तरह से फिल्मी ड्रामा है और वास्तविकता से कोसों दूर.
क्लोरोफॉर्म के खतरे
क्लोरोफॉर्म सिर्फ बेहोशी ही नहीं बल्कि कई गंभीर जोखिम भी लेकर आता है:
लंबे समय तक एक्सपोजर से श्वसन तंत्र प्रभावित हो सकता है.
यह हृदय गति को असामान्य कर सकता है और कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) का कारण बन सकता है.
इसकी ज्यादा मात्रा जानलेवा भी हो सकती है.
इसलिए, इसका बिना चिकित्सकीय देखरेख में प्रयोग करना खतरनाक और गैरकानूनी है.
फिल्मों में क्लोरोफॉर्म से पलक झपकते ही लोगों को बेहोश होते दिखाना एक मिथक है, न कि कोई वैज्ञानिक सच. वास्तविकता में, किसी व्यक्ति को क्लोरोफॉर्म से बेहोश करना न केवल मुश्किल है बल्कि अत्यधिक खतरनाक भी हो सकता है. इसीलिए, इस तरह की गलत धारणाओं से बचना चाहिए और सच्चाई को समझना जरूरी है.