Nirjala Ekadashi 2025: वैसे तो हर माह एकादशी का व्रत रखा जाता है. लेकिन निर्जला एकादशी साल में एक बार ही आती है. सनातन धर्म में इसकी मान्यता भी बहुत है.. खासकर हमारी माता-बहने निर्जला एकादशी का व्रत पूरे विधि-विधान से रखती हैं.. शास्त्रों के मुताबिक यदि इस दिन ये पांच काम कर लिए जाएं तो माता लक्ष्मी का घर में वास होता है. साथ ही आपके सभी बिगड़े कामों में सफलता मिलती है. आपको बता दें कि इस बार 6 जून को निर्जला एकादशी मिलती है..
क्या है निर्जला एकादशी का महत्व
'निर्जला' का अर्थ है 'बिना जल के', अर्थात इस व्रत में भक्त न तो भोजन करते हैं और न ही पानी ग्रहण करते हैं. मानव जीवन में जल का विशेष महत्व है, हमारा शरीर भी पंचतत्व से मिलकर बना है जिसमें जल की अहम भूमिका है. इस खास एकादशी पर जो बिना जल का व्रत कर, दान पुण्य करता है और विधि विधान से विष्णु जी का पूजन करता है उसके सारे पाप धुल जाते हैं और जीवन में अनेकों सुखों की प्राप्ति होती है. निर्जला एकादशी बेहद पावन दिन है..
इन कामों को करने से मिलता है लाभ
शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ माह की गर्मी में निर्जला एकादशी पर जो व्यक्ति जल से भरा मटका जरुरतमंद या ब्राह्मण को दान करता है उसे रोग, पितृ और चंद्र दोष दूर होते हैं. इसके साथ ही इस दिन मंदिर के प्रांगण या किसी खाली स्थान पर पीपल वृक्ष लगाने से राहु-केतु का अशुभ प्रभाव भी कम होता है. कहा जाता है कि पीपल में पितरों का भी वास होता है..
ये भी जानें
मान्यता है कि एकादशी या शुक्रवार के दिन घर में श्रीयंत्र की स्थापना करने और विधिवत श्रीयंत्र की पूजा,उपासना से प्राणी को सभी सुख प्राप्त होते हैं,धन की घर में कमी नहीं रहती. मां लक्ष्मी घर में वास करती हैं..इस दिन पीले और सफेद रंग के नए वस्त्र खरीदना भी शुभ माना जाता है. साथ ही, धार्मिक चीजें जैसे भगवद गीता, रामायण, विष्णु सहस्रनाम जैसी किताबें भी इस दिन खरीदना शुभ माना जाता है.
निर्जला एकादशी शुभ मुहूर्त
पूजा मुहूर्त - सुबह 5.23 - सुबह 10.36
व्रत पारण समय - दोपहर 1.44 - शाम 4.31 (7 जून 2025)
निर्जला एकादशी पर जरुर करें ये 5 काम
नोट: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. इसलिए लोकसत्य मीडिया संस्थान किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.