डॉन 3 विवाद में बढ़ी रणवीर सिंह की मुश्किलें : Ranveer Singh और Farhan Akhtar की फिल्म डॉन 3 को लेकर शुरू हुआ विवाद अब इंडस्ट्री के बड़े मुद्दे में बदलता दिखाई दे रहा है. खबरों के मुताबिक, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी Federation of Western India Cine Employees (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी कर दिया है। इस पूरे मामले की वजह रणवीर का फिल्म डॉन 3 से अचानक बाहर होना बताया जा रहा है.
तीन बार भेजे गए नोटिस, लेकिन नहीं मिला जवाब
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार FWICE का दावा है कि रणवीर सिंह को इस मामले में बातचीत के लिए तीन अलग-अलग नोटिस भेजे गए थे। हर नोटिस लगभग 10 दिन के अंतराल पर भेजा गया, ताकि अभिनेता अपना पक्ष रख सकें और विवाद को सुलझाया जा सके। लेकिन फेडरेशन का कहना है कि रणवीर की तरफ से किसी भी नोटिस का सीधा जवाब नहीं दिया गया.
FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रणवीर सिंह को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया। बाद में अभिनेता की टीम की ओर से ईमेल भेजा गया, जिसमें कहा गया कि इस मामले में FWICE का अधिकार क्षेत्र नहीं बनता.
फरहान अख्तर की शिकायत के बाद बढ़ा मामला
रिपोर्ट्स बताती हैं कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब Ritesh Sidhwani और फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर के फिल्म छोड़ने पर नाराजगी जताई. बताया गया कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले अभिनेता ने प्रोजेक्ट से दूरी बना ली थी। इससे प्रोडक्शन हाउस को भारी आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया.
FWICE के अनुसार फिल्म की प्री-प्रोडक्शन तैयारियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके थे। इसमें लोकेशन बुकिंग, होटल व्यवस्था और विदेशी शूट की तैयारियां शामिल थीं। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि प्रोडक्शन हाउस ने लगभग 45 करोड़ रुपये के नुकसान की बात उठाई है.
रणवीर सिंह ने सार्वजनिक रूप से नहीं दिया जवाब
पूरे विवाद के दौरान रणवीर सिंह ने सीधे तौर पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया। हालांकि उनके प्रवक्ता की ओर से कहा गया कि अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री और डॉन फ्रेंचाइजी का सम्मान करते हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि रणवीर ने हमेशा गरिमा और शांति बनाए रखने का फैसला किया है और वे सार्वजनिक बहस में शामिल नहीं होना चाहते.
इंडस्ट्री में छिड़ी नई बहस
इस मामले के सामने आने के बाद बॉलीवुड में कलाकारों और फिल्म यूनियनों की भूमिका पर नई बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग FWICE के फैसले को इंडस्ट्री अनुशासन के लिए जरूरी बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि किसी अभिनेता के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाना विवादास्पद हो सकता है. इसी बीच कई फिल्मी हस्तियों ने भी सवाल उठाए हैं कि क्या सभी मामलों में एक जैसा रवैया अपनाया जाता है.