मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। Donald Trump ने ईरान को 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का अल्टीमेटम देते हुए कड़ी चेतावनी दी है। ट्रम्प ने साफ कहा है कि अगर तय समय में रास्ता नहीं खुला तो गंभीर सैन्य कार्रवाई की जाएगी। वहीं ईरान ने इस धमकी को खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए हैं।
होर्मुज खोलने पर 48 घंटे की डेडलाइन
अमेरिका ने ईरान को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तत्काल खोला जाए। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है और अब केवल 48 घंटे शेष हैं। इससे पहले अमेरिका ईरान को 10 दिन की मोहलत दे चुका था, लेकिन लगातार टालमटोल के बाद अब सख्त रुख अपनाया गया है।
ईरान का तीखा पलटवार, दी कड़ी चेतावनी
ईरान ने अमेरिकी अल्टीमेटम को सीधे तौर पर नकार दिया है। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने ट्रम्प के बयान को “बेबस और घबराहट भरा” बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की धमकियों का नतीजा अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और ट्रम्प के लिए “जहन्नुम के दरवाजे खुल जाएंगे”।
36 दिन से जारी टकराव, नहीं दिख रहा हल
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को 36 दिन हो चुके हैं। दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत और समय सीमा तय होने के बावजूद कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। स्थिति यह है कि कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है, जिससे युद्ध का खतरा और गहराता जा रहा है।
समझौते की कोशिशें भी नाकाम
ट्रम्प ने पहले दावा किया था कि उन्होंने ईरान को अतिरिक्त समय देकर कूटनीतिक समाधान का मौका दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला नहीं करेगा। हालांकि ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को एकतरफा और अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया, जिससे वार्ता की संभावनाएं कमजोर हो गईं।
ऊर्जा ठिकानों पर हमले की चेतावनी
ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि अगर ईरान ने समय सीमा के भीतर होर्मुज को नहीं खोला, तो उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इस बीच ट्रम्प के बयान लगातार बदलते भी नजर आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अब पूरी दुनिया की नजर इस 48 घंटे की डेडलाइन पर टिकी हुई है, जो आगे की दिशा तय करेगी।