ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. कई महीन बीतने के बाद भी ट्रंप अभी भी भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर लेकर अपनी सराहाना कर रहे हैं. ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि उन्होंने ट्रेड डील के नाम पर दोनों देशों में युद्ध विराम करवाया है. भारत सरकार कई बार ट्रंप के इस बयान पर असहमति जता चुकी है. वहीं सेना ने भी साफ किया है कि सीजफायर में अमेरिका का कोई योगदान नहीं था. इसके बाद भी ट्रंप किसी भी मौके पर यह कहने से नहीं चूकते हैं कि सीजफायर उनकी बदौलत हुआ है.
परमाणु ठिकानो को नष्ट कर दिया
हाल ही में ट्रेड डील पर बातचीत के दौरान ट्रंप एक बार फिर बोल पड़े कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच पनप रहे युद्ध जैसे हालात को रोका है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने कई युद्ध रोके दिए हैं और यह बेहद गंभीर युद्ध थे। भारत और पाकिस्तान का युद्ध इसका सबूत है. दोनों देशों की सीमा पर फाइटर प्लेन को निशाना बनाया. मुझे लगता है कम से कम 5 जेट को गिराए गया था. दोनों देश एक दूसरे पर घातक हथियारों से हमला कर रहे थे. ऐसा लग रहा था कि बड़ा युद्ध शुरू होने वाला है. ईरान में भी हमने जो किया उसे पूरे विश्व ने देखा. ईरान के परमाणु ठिकानो को नष्ट कर दिया.
भारत और पाकिस्तान में था तनाव
डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, "भारत और पाकिस्तान में भी तनाव काफी बढ़ गया था. हालांकि, दोनों देशों ने समझदारी दिखाई. सीजफायर पर सहमति जताई. यह सब हमने ट्रेड डील की सहायता से हो पाया. तब हमने कहा था कि आप ट्रेड डील करना चाहते हैं? अगर आपने हमला बंद नहीं किया तो हम ट्रेड डील नहीं करेंगे."
सीजफायर कराने का दावा किया
आपको बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी कई बार भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने का दावा किया है। भारत सरकार और सेना दोनों ने दावों को खारिज कर दिया। भारत के अनुसार, सीजफायर दोनों देशों की आपसी बातचीत से हो पाया. इसमें किसी तीसरे देश का कोई योगदान नहीं है.