अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ संकेत दिया है कि वॉशिंगटन फिलहाल युद्ध खत्म करने की जल्दबाजी में नहीं है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका के पास बातचीत के लिए पर्याप्त समय है और ईरान खुद भी बातचीत जारी रखना चाहता है। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अमेरिका ने जो पैसा खर्च किया है, उसकी भरपाई वेनेजुएला से हो चुकी है।
30 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और वहां से लगातार बातचीत की इच्छा जताई जा रही है। उन्होंने कहा, ''बातचीत हो रही है। वे बात करना चाहते हैं और लगातार बात कर रहे हैं। हमारे पास समय है।'' ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, ईरान अपने सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन देने में भी मुश्किलों का सामना कर रहा है।
वेनेजुएला से 10 गुना रकम मिलने का दावा
युद्ध के आर्थिक बोझ को लेकर पूछे गए सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान पर अमेरिका अपेक्षाकृत बहुत कम पैसा खर्च कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस युद्ध में अब तक खर्च की गई रकम की भरपाई वेनेजुएला से हो चुकी है और अमेरिका को वहां से करीब 10 गुना फायदा हुआ है।
हालांकि, ट्रंप ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक आंकड़ा या विस्तृत वित्तीय जानकारी साझा नहीं की। वहीं, युद्ध की वास्तविक लागत को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आते रहे हैं।
सात महीने से जारी है संघर्ष
ट्रंप ने ईरान के साथ जारी टकराव को सामान्य युद्ध से अलग बताते हुए कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में करीब सात महीने से शामिल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत के रास्ते खुले होने के बावजूद सैन्य कार्रवाई का विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम कराने के लिए कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। 31 अक्टूबर को ईरानी प्रतिनिधियों ने कतर के मध्यस्थों के साथ दोहा में बातचीत भी की। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि अमेरिका फिलहाल बातचीत के साथ-साथ ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति अपना रहा है।