अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उनकी रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत गंवा बैठी है। चुनावी नतीजों ने न सिर्फ ट्रंप की राजनीतिक ताकत को प्रभावित किया, बल्कि उनकी निजी संपत्ति पर भी इसका असर देखने को मिला है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद ट्रंप की कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे उनकी नेटवर्थ को करीब 73 मिलियन डॉलर यानी लगभग 690 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इस तरह ट्रंप को एक ही समय में राजनीतिक और कारोबारी मोर्चे पर दोहरी चोट लगी है। शेयर बाजार में आई गिरावट ने उनकी संपत्ति के मूल्य को कम कर दिया। हालांकि, शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण नेटवर्थ में होने वाला यह नुकसान बाजार मूल्यांकन पर आधारित है।
मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका
अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर हुए चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने 228 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 139 सीटें मिलीं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए सदन में अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया।
इस नतीजे को ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। प्रतिनिधि सभा में बहुमत खोने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के लिए सरकार के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना पहले के मुकाबले मुश्किल हो सकता है।
ईरान युद्ध और महंगाई बनी हार की बड़ी वजह
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन के पीछे कई मुद्दों को जिम्मेदार माना जा रहा है। इनमें ईरान युद्ध प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा। युद्ध के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा और महंगाई के साथ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं।
विदेश नीति और घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े इन मुद्दों को लेकर मतदाताओं में नाराजगी देखने को मिली। चुनावी नतीजों से संकेत मिला कि मतदाताओं ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर अपना असंतोष जाहिर किया है। इसका सीधा फायदा डेमोक्रेटिक पार्टी को मिला।
शेयरों में गिरावट से ट्रंप की संपत्ति को नुकसान
चुनावी नतीजों का असर ट्रंप की कारोबारी संपत्ति पर भी दिखाई दिया। उनकी कंपनी से जुड़े शेयरों में गिरावट आने के कारण उनकी कुल नेटवर्थ में करीब 73 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 690 करोड़ रुपये बैठती है। दरअसल, ट्रंप की संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनकी कंपनियों और उनसे जुड़े निवेशों के बाजार मूल्य पर निर्भर करता है। ऐसे में राजनीतिक घटनाक्रम और बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया का असर उनकी संपत्ति के मूल्यांकन पर पड़ सकता है।
राजनीतिक स्थिति मजबूत करनी होगी
मिडटर्म चुनाव में मिली हार के बाद ट्रंप के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ उन्हें अपनी पार्टी की राजनीतिक स्थिति मजबूत करनी होगी, वहीं दूसरी ओर कारोबारी मोर्चे पर शेयरों में आई गिरावट से हुए नुकसान का सामना करना होगा। चुनावी नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि ट्रंप के लिए आने वाला राजनीतिक और आर्थिक दौर आसान नहीं रहने वाला है।