अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की तरफ से समुद्री माइंस बिछाने की कोशिशों पर सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि "अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कोई माइंस लगाई हैं तो उन्हें तुरंत हटा दिया जाए। अगर नहीं हटाया गया, तो ईरान को पहले से भी खतरनाक नतीजे भुगतने होंगे"।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 इनएक्टिव माइन-लेइंग नौकाओं और जहाजों को नष्ट कर दिया है। एक अन्य बयान में उन्होंने 16 बारूदी नावों को तबाह करने का भी दावा किया। 13 अप्रैल को ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिकी नेवी होर्मुज को पूरी तरह बंद करेगी और "किसी भी और सभी जहाजों की नाकेबंदी शुरू कर देगी"। हेलीकॉप्टर में मशीनगन तैनात कर मालवाहक जहाजों को ईरानी बंदरगाहों से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।
ईरान का रुख
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने माना कि उन्होंने होर्मुज में नेवल माइंस बिछाई थीं। लेकिन अमेरिका का दावा है कि ईरान अपनी ही बिछाई माइंस का पता लगाने में विफल रहा है, क्योंकि उन्हें व्यवस्थित तरीके से ट्रैक नहीं किया गया। ईरान के पास तेजी से माइन हटाने की तकनीकी क्षमता भी नहीं है।
क्या जंग फिर भड़केगी?
फिलहाल हालात बहुत नाजुक हैं, लेकिन दोनों तरफ से सीजफायर की कोशिश भी चल रही है ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के आसपास बनी रहेगी। "अगर चीजें सही दिशा में नहीं जातीं, जिसकी संभावना बहुत कम है, तो ऐसी गोलीबारी शुरू हो जाएगी जो पहले कभी नहीं देखी गई"। ट्रंप ने कहा कि ईरान अभी भी ड्रोन, समुद्री बारूदी सुरंगें या छोटी दूरी की मिसाइल से हमला कर सकता है।
जंग टलने के संकेत:2 हफ्ते का सीजफायर
अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते युद्धविराम पर सहमति बनी है। इसके तहत ईरानी सेना के नियंत्रण में होर्मुज को 2 हफ्ते खोला जाएगा।इस्लामाबाद वार्ता: इस्लामाबाद में US-ईरान वार्ता हुई। पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र मध्यस्थता कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान से "बहुत अच्छी और उपयोगी" बातचीत हुई है, इसलिए उन्होंने ईरान के पावर प्लांट को नष्ट करने की धमकी टाल दिया है।