
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दूसरे देशों से पंगे ले रहे हैं। इस बार कोलंबिया के राष्ट्रपति को जमकर खरीखोटी सुनाई। उन्होंने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो (Gustavo Petro) पर रोक लगाने की घोषणा की है। इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने पेट्रो पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कोलंबिया से अमेरिका में कोकीन तस्करी रोकने को लेकर किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठाया है. इस बीच अमेरिकी सेना ने दक्षिण कैरेबियन क्षेत्र में गतिविधियों को तेज कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में संदिग्ध जहाजों पर छापेमारी की गई, उस पर ड्रग्स होने का दावा किया जा रहा है। अभी तक इसके ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं।
गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिका पर कैरेबियन सागर में एयरस्ट्राइक को आरोप लगाया है। इसमें कई निर्दोष लोगों की 'हत्या' की बात को सामने रखा है। इस पर पलटवार करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबियाई राष्ट्रपति को 'अवैध ड्रग लीडर' और 'बुरा आदमी' कहा। पेट्रो का कार्यकाल मात्र 10 महीने का रह गया है। लंबे समय से वे अमेरिकी सैन्य हमलों के विरोधी भी रहे हैं. वह कोलंबिया में छह दशकों से चले संघर्ष को शांति वार्ताओं और आत्मसमर्पण समझौतों के माध्यम से खत्म करने का प्रयास करते रहे हैं। मगर अब तक उन्हें किसी तरह की सफलता नही मिल पाई है.
ये भी पढ़ें: USA और वेनेजुएला के बीच टेंशन, पेंटागन ने उतारे 10 हजार सैनिक और दर्जनों एयरक्रॉफ्ट कैरियर, युद्ध की आशंका
किसी तरह के ठोस कदम नहीं उठाए
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बयान को जारी करते हुए कहा, 'जब से राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सत्ता को संभाला है, कोलंबिया में कोकीन का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। इससे अमेरिका में ड्रग्स की भरमार है। नागरिकों में इस जहर को फैलाया जा रहा है। उन्होंन कहा कि राष्ट्रपति पेट्रो ने कोलंबिया में ड्रग कार्टेल्स को फैलने का पूरा मौका दिया है। इन्हें रोकने को लेकर किसी तरह के ठोस कदम नहीं उठाए। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम ड्रग तस्करी को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करने वाले हैं।
किसी के दबाव में नहीं झुकेगा
ट्रंप ने 23 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 'पेट्रो न सिर्फ असफल नेता हैं बल्कि एक अवैध ड्रग डीलर भी हैं। इन्होंने अपने देश को अपराधियों के हवाले कर दिया है.' कोलंबिया सरकार ने एक बयान को जारी किया किया कि अमेरिका के इस कदम को काफी गंभीर कूटनीतिक कदम बताया है. बयान में कहा कि वह किसी तरह के दबाव नहीं आएगा।