Ecopreneur Award: चुनावों में जहां आमतौर पर राजनीतिक शोर, प्रचार-प्रसार और भीड़ की चर्चा होती है, वहीं उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. हीरालाल ने चुनाव प्रक्रिया को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर एक नई मिसाल कायम की। वोटरों और चुनाव प्रचार में शामिल लोगों से पौधरोपण करवाने तथा ग्रीन इलेक्शन की अवधारणा को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित इकोप्रेन्योर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें 17 जुलाई को नई दिल्ली के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित समारोह में एक प्रमुख मीडिया हाउस द्वारा प्रदान किया गया।
ग्रीन इलेक्शन की अवधारणा
डॉ. हीरालाल ने चुनाव की गहमागहमी के बीच वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण और चुनाव प्रचार सामग्री से निकलने वाले कचरे के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए लगातार काम किया। उन्होंने लोकसभा के साथ-साथ पांच अलग-अलग राज्यों की चार विधानसभा सीटों पर ग्रीन इलेक्शन की अवधारणा को लागू कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का सफल प्रयास किया।
उत्तर प्रदेश शासन में सचिव
वर्ष 2009 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी डॉ. हीरालाल वर्तमान में उत्तर प्रदेश शासन में सचिव, राष्ट्रीय एकीकरण के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह डीएम बांदा, विभिन्न निगमों में प्रबंध निदेशक, विशेष सचिव होमगार्ड, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), एसडीएम और एडीएम समेत कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।उन्हें यह सम्मान चुनाव प्रक्रिया के दौरान वृक्षारोपण, वृक्ष संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए दिया गया।
आयोजकों का आभार व्यक्त
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. हीरालाल ने कहा, "पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। ग्रीन इलेक्शन जैसी पहलें लोकतंत्र और प्रकृति, दोनों को मजबूत बनाने का माध्यम हैं। "उन्होंने इस सम्मान के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका नहीं, बल्कि ग्रीन इलेक्शन अभियान से जुड़े सभी सहयोगियों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मान अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा।
पर्यावरण हितैषी बनाने की पहल
डॉ. हीरालाल ने वर्ष 2024 में पंजाब के रोपड़ जिले की आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट तथा महाराष्ट्र की अनुकृति नगर और चेम्बूर, गुजरात के जूनागढ़ जिले की विशावदर, बिहार के मुजफ्फरपुर की कुढ़नी और तमिलनाडु की भारतपुरी विधानसभा सीट पर ग्रीन इलेक्शन की अवधारणा के तहत चुनाव प्रक्रिया को पर्यावरण हितैषी बनाने की पहल की, जिसे देशभर में सराहा गया।