इंदौर की डॉक्टर निकिता कुशवाह ने चिकित्सा क्षेत्र की सीमाओं को पार करते हुए एक नई मिसाल कायम की है। पेशे से कार्डियक और रेस्पिरेटरी फिजियोथेरेपिस्ट, डॉ. कुशवाह ने 2025 के कांस फिल्म महोत्सव में अपने डेब्यू से भारत का गौरव बढ़ाया है। मिसेज यूनिवर्स की फर्स्ट रनर-अप रह चुकीं डॉ. कुशवाह अब नारी सशक्तिकरण और सामाजिक मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाकर एक नई पहचान बना रही हैं। उनकी मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि एक डॉक्टर भी ग्लैमर और समाज सेवा दोनों क्षेत्रों में चमक सकता है।
भारत की डॉक्टर का कांस में पहला कदम
डॉ. निकिता कुशवाह ने पहली बार वियतनाम में आयोजित कांस फिल्म महोत्सव में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने सिर्फ रेड कार्पेट पर कदम नहीं रखा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सरोकारों की आवाज भी बुलंद की। यह उनके लिए केवल एक फैशन शो नहीं, बल्कि अपने विचारों को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का अवसर था।
विशेष गाउन बना चर्चा का केंद्र
रेड कार्पेट पर डॉ. कुशवाह ने जिस गाउन में शिरकत की, वह खुद एक कला का नमूना था। “फेयर गॉडेस ऑफ़ स्प्रिंग” नामक इस गाउन को मशहूर वियतनामी डिजाइनर ने तैयार किया। इसे बनाने में तीन महीने का समय लगा और 50 से अधिक कलाकारों ने मेहनत की। गाउन में लगाए गए सभी क्रिस्टल हाथ से बनाए गए थे, जो उनकी सुंदरता और गरिमा को और बढ़ा रहे थे।
इंदौर से कांस तक का प्रेरणादायक सफर
इंदौर से पढ़ाई कर चुकीं डॉ. कुशवाह सिर्फ एक फिजियोथेरेपिस्ट नहीं हैं, बल्कि समाज सेवा में भी गहराई से जुड़ी हैं। महिला स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए वे लंबे समय से अभियान चला रही हैं। उनका यह सफर दर्शाता है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंच छोटा नहीं होता।
भारत की वैश्विक पहचान को किया मजबूत
डॉ. कुशवाह की यह भागीदारी सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने यह संदेश दिया कि डॉक्टर होना सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि समाज में बदलाव का माध्यम भी हो सकता है।