नई दिल्ली। लोगों के दांतों का इलाज करने वाला एक डॉक्टर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी ठगी का मास्टरमाइंड निकला। दिल्ली क्राइम ब्रांच की ईआर-2 टीम ने ऐसे शातिर प्रॉपर्टी फ्रॉडस्टर को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी डॉक्टर वाली छवि का फायदा उठाकर कई लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। आरोपी पिछले सात महीनों से फरार चल रहा था।
डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मजहऱ खान (44) निवासी यमुना विहार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के रूप में हुई है। इलाके में लोग उसे ‘डॉ. साहब’ के नाम से जानते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने यमुना विहार स्थित एक ही प्राइम प्रॉपर्टी को अलग-अलग लोगों के पास गिरवी रखकर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपी पेशे से बीडीएस और एमडीएस डॉक्टर है। उसने अपनी सामाजिक पहचान और डॉक्टर की प्रतिष्ठा का इस्तेमाल लोगों का भरोसा जीतने में किया। आरोपी लोगों को भरोसे में लेकर उन्हें बड़ी रकम उधार देने या निवेश करने के लिए तैयार करता था और बदले में यमुना विहार स्थित फ्लैट नंबर C-11/17 को सुरक्षा के तौर पर दिखाता था।
पुलिस के अनुसार जिस फ्लैट को आरोपी बार-बार अलग-अलग लोगों के सामने गिरवी रख रहा था, वह पहले से ही आईसीआईसीआई बैंक में मॉर्गेज था। इसके बावजूद उसने इस तथ्य को छिपाकर कई लोगों से लेनदेन किया और करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की ईआर-2 टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। इंस्पेक्टर सुनील कुंडू, हेड कांस्टेबल मोहित चौधरी, प्रिंस तोमर और विकास की टीम ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। आखिरकार आरोपी को उत्तर प्रदेश के देहरादून के पास गणेशपुर टोल प्लाजा से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक काली हुंडई क्रेटा कार भी बरामद की है। जांच में पता चला है कि आरोपी पहले खुरेजी इलाके में डेंटल प्रैक्टिस करता था, लेकिन बाद में उसने प्रॉपर्टी कारोबार में कदम रखा और धीरे-धीरे लोगों को ठगने लगा।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी के कई मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक के कई एफआईआर शामिल हैं। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ धमकी देने से संबंधित एनसीआर भी दर्ज हैं।