Operation Hamdard: खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद की टॉप कमांडर डॉ. शाहीन उर्फ ‘मैडम सर्जन’ से जुड़ा बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि वह ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के तहत मुस्लिम लड़कियों को ब्रेनवॉश कर संगठन में भर्ती कर रही थी। यह ऑपरेशन खासतौर पर महिलाओं को तीन श्रेणियों में बांटकर उन्हें आतंक के रास्ते पर लाने की साजिश थी। आर्थिक रूप से कमजोर, महत्वाकांक्षी और कट्टरपंथी सोच वाली महिलाओं को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित किया जा रहा था। शाहीन के खिलाफ सबूत मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
यूपी एटीएस ने डिकोड की ‘टीम डी’
उत्तर प्रदेश एटीएस ने शाहीन की ‘टीम डी’ का पर्दाफाश किया है, जिसमें कई डॉक्टर शामिल थे। चैट्स में आतंकियों के बीच ‘स्पेशलिस्ट’, ‘हार्ट स्पेशलिस्ट’ और ‘ऑपरेशन थिएटर’ जैसे कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था। जांच में पता चला कि यह टीम जैश के टॉप कमांडर से सीधे संपर्क में थी और फंडिंग, भर्ती और ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभालती थी। एजेंसियां अब डॉ. परवेज और डॉ. आरिफ के बैंक खातों की जांच कर रही हैं, जिन पर विदेशी फंडिंग का शक है।
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दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ रहे तार
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में मारे गए डॉ. उमर की मूवमेंट भी शाहीन नेटवर्क से जुड़ रही है। पुलिस ने करीब 50 सीसीटीवी फुटेज से उमर की गतिविधियों को ट्रैक किया है। 10 नवंबर को वह फरीदाबाद से दिल्ली आया और कई इलाकों से होते हुए लाल किला पार्किंग तक पहुंचा, जहां उसकी कार में विस्फोट हुआ। एजेंसियों का मानना है कि शाहीन का नेटवर्क न सिर्फ भर्ती बल्कि हमले की प्लानिंग से भी जुड़ा हो सकता है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।