New Delhi : लालकिला ब्लास्ट की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान कुछ ऐसे वीडियो मिले हैं जिनमें यह खुलासा हुआ है कि ब्लास्ट करने से पहले डॉ उमर तुर्कमान गेट स्थित एक मस्जिद में नमाज पढ़ने गया था. इसके अलावा एक अन्य वीडियो में वह कनॉट प्लेस में घूमता हुआ दिखाई दिया. इन स्थानों पर डॉ उमर की मूवमेंट को लेकर दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि ब्लास्ट करने से पहले वह भीड़भाड़ वाले स्थानों को रैकी कर रहा होगा ऐसी भी संभावना जताई जा रही है.
लालकिला बम ब्लास्ट की जांच अब एनआईए को सौंपी जा चुकी है, लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और उत्तरी जिला पुलिस अपने-अपने स्तर पर सीसीटीवी की फुटेजों को खंगाल रही है, इस संबंध में सू़त्रों का कहना है कि अब तक करीब 1000 से अधिक सीसीटीवी फुटेजों को खंगाला जा चुका है. ये सीसीटीवी फुटेज बदरपुर बार्डर से लेकर उन तमाम जगहों के हैं जहां से डॉक्टर उमर कार लेकर निकला या पैदल घूमा था. बताया गया कि एक फुटेज में यह सामने आया है कि फरीदाबाद से आई 20 कार लेकर दिल्ली में घुसा तो डॉ उमर कुछ ठोस निर्णय नहीं ले सका और उसे जो भी सूज रहा था वह वैसे ही कर रहा था. मसलन दो बजे के करीब वह आसिफ अली रोड स्थित मस्जिद में नजाम पढ़ने के बाद दिल्ली गेट से होता हुआ सुनहरी बाग पार्किंग पहुंचा और काफी देर तक कार में बैठ कर आगे की रणनीति तैयार करने के लिए घंटों सोचता रहा.
सूत्रों का कहना है कि जब डॉ उमर कनॉट प्लेस में घूमता हुआ देखा गया तो वह दमकल केंद्र की तरफ से गुजरा. ऐसा भी माना जा रहा है कि हो सकता है कि लाल किला से पहले वह कनॉट प्लेस में ऐसे स्थान पर ब्लास्ट करना चाहता हो जहां उसे खासी भीड़भाड़ नजर आए लेकिन दोपहर के समय अमूमन कनॉट प्लेस में इतनी भीड़ नहीं रहती है. दिल्ली में लाल किला ऐसे स्थान हैं जहां आमतौर पर किसी भी समय हजारों की भीड़ घूमती फिरती, खरीदारी करने या फिर बसों और अन्य वाहनों के गुजरने की वजह से नजर आती है. अंत में डॉक्टर उमर ने खुद को मानव बम बना कर लालकिला के समीप ही ब्लास्ट कर दिया.