
उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से उड़ान भरने का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है, लेकिन शुरुआती दौर में यात्रियों को एक सीमा का सामना करना पड़ेगा। एयरपोर्ट के दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन शुरुआत में उड़ानों का संचालन केवल दिन के समय ही किया जाएगा। इसका मुख्य कारण यह है कि एयरपोर्ट पर अभी कैट-3 (CAT-III) जैसे अत्याधुनिक नेविगेशन उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। ये उपकरण घने कोहरे या बेहद कम विजिबिलिटी की स्थिति में विमानों को सुरक्षित रूप से लैंड करने में मदद करते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें जुलाई 2026 से
एयरपोर्ट के पहले चरण में दिसंबर से परिचालन शुरू होने की संभावना है, जिसमें सबसे पहले घरेलू और कार्गो सेवाएं शुरू की जाएंगी। हालाँकि, अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए यात्रियों को थोड़ा और इंतजार करना होगा, क्योंकि इनके जुलाई 2026 तक शुरू होने की संभावना है। विजिबिलिटी की समस्या के कारण, जब तक कैट-3 प्रणाली स्थापित नहीं हो जाती, तब तक रात की उड़ानें संचालित नहीं होंगी और केवल दिन की उड़ानों पर ही फोकस रहेगा। जैसे-जैसे आवश्यक प्रणालियां तैयार होती जाएंगी, उड़ानों की संख्या और अवधि दोनों में क्रमिक रूप से वृद्धि की जाएगी।
प्रमुख एयरलाइनों से करार
यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए, यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने पहले ही प्रमुख एयरलाइनों के साथ करार कर लिया है। एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर जैसी बड़ी एयरलाइनों की उड़ानें ही इस एयरपोर्ट से सबसे पहले संचालित की जाएंगी। शुरुआत में, एयरपोर्ट से देश के लगभग 10 प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना है, जिसके बाद नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा और सब कुछ सुचारु होने के बाद एयरपोर्ट को 24 घंटे संचालन के लिए खोल दिया जाएगा।
क्षमता और ट्रैफिक कंट्रोल
एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा होने के बाद इसकी क्षमता प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। हालाँकि, शुरुआती वर्षों में लगभग 60 लाख यात्रियों के आने-जाने की संभावना जताई गई है। एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) का संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और डीजीसीए (DGCA) की देखरेख में होगा, जो सुरक्षित और सुव्यवस्थित हवाई यातायात सुनिश्चित करेंगे।
ओआरएटी ट्रायल सफल
उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशनल रेडीनेस एंड एयरपोर्ट ट्रांसफर (ORAT) के तहत टर्मिनल ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। इस ट्रायल के दौरान, एयरपोर्ट की सभी महत्वपूर्ण सुविधाओं जैसे सुरक्षा प्रणाली, कस्टमर सर्विस, बैगेज हैंडलिंग और तकनीकी उपकरणों की गहन जांच की गई, साथ ही कर्मचारियों को नए माहौल में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है।