नौकरी पाने की आस लगाए UP के लाखों बेरोजगार युवा सरकारी विज्ञापन देखकर खुश हो गए थे, क्योंकि उन्हें खुशखबरी दी गई थी कि सरकार करीब 2 लाख शिक्षक भर्ती निकालने वाली है लेकिन शाम होते-होते उनकी आशा निराशा में बदल चुकी थी. जिस पर सपा चीफ अखिलेश यादव ने निशाना भी साधा.
चंद घंटों में खुशियां गम में बदल गई
दरअसल यूपी सरकार के ऑफिशियल एक्स हैंडल से जारी विज्ञापन में साफ-साफ लफ्जों में लिखा गया था कि प्रदेश सरकारजल्द ही शिक्षकों के 1 लाख 93,000 पदों पर भर्ती करने जा रही है. ये भर्तियां तीन चरणों में होगी. हर चरण में करीब 65,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. इस संबंध में दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ हुई प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में वार्षिक कार्य योजना पेश की गई. ये भर्तियां मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी. अमूमन ऐसा होता नहीं है, लेकिन हैरान की बात ये है कि इस ट्वीट को कुछ समय बाद ही यूपी सरकार के एक्स हैंडल से डिलीट कर दिया गया.
सोशल मीडिया पर हो रही किरकिरी
अब इस घटना को लेकर पूरे सोशल मीडिया पर सरकार की किरकिरी हो रही है. विपक्ष भी सरकार से जवाब मांग रहा है. सपा चीफ अखिलेश यादव ने शिक्षक भर्ती की पोस्ट डिलीट करने पर भारतीय जनता की योगी सरकार पर हमला बोल दिया. अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा उत्तर प्रदेश में जिस तरह से नौकरियों के बारे में की गई पोस्ट डिलीट कर दी गई है वैसे ही नौकरियां भी उत्तर प्रदेश से डिलीट कर दी गई है. लगभग 2 लाख पदों की भर्ती की पोस्ट लगभग 2 दिन के लिए तो पोस्ट करके रखते नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं सियासी गलियारों में हड़कंप तो मचा ही। इस पोस्ट के डिलीट होने पर सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने सरकार को तंज कसते हुए कई सवाल पूछे. हालांकि शिक्षा विभाग ने इस खबर का खंडन किया है और पोस्ट भी डिलीट कर लिया गया है.