भोपाल में ड्रग तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें युगांडा की एक महिला ड्रग तस्कर को डीआरआई (राजस्व खुफिया निदेशालय) ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि उसके पास दो पासपोर्ट थे और वह फर्जी नामों का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स सप्लाई करती थी। जांच में पता चला कि उसका संबंध मुंबई में सक्रिय विदेशी ड्रग गिरोह से है। मामला अब और भी पेचीदा होता जा रहा है।
महिला ड्रग तस्कर की गिरफ्तारी से हुआ बड़ा खुलासा
डीआरआई ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक युगांडा की महिला को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान महिला ने कई बड़े राज उजागर किए। डीआरआई के मुताबिक, महिला का संबंध एक विदेशी ड्रग गिरोह से है जो मुंबई में सक्रिय है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि महिला मेथामफेटामाइन (MD) और कोकीन की सप्लाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करती थी। यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की हकीकत उजागर हुई।
दो पासपोर्ट मिलने से मामला और पेचीदा
जांच में यह बड़ा तथ्य भी सामने आया कि आरोपी महिला के पास दो पासपोर्ट थे। इन पासपोर्ट के जरिए महिला विभिन्न देशों की यात्रा करती थी और फर्जी नामों का इस्तेमाल कर ड्रग्स की सप्लाई करती थी। महिला का गिरोह विदेशी महिलाओं का समूह है, जो भारत में सक्रिय हैं। इस गिरोह का मुख्यालय मुंबई में बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां इस संबंध में और गहराई से जांच कर रही हैं।
न्यायिक हिरासत में भेजी गई आरोपी महिला
भोपाल जिला न्यायालय ने डीआरआई की पेशकश पर आरोपी महिला को 26 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान और भी जांच और पूछताछ की जाएगी। महिला के पास से कुल 368.90 ग्राम मेथामफेटामाइन (MD) और 147.40 ग्राम कोकीन बरामद किया गया। यह गिरफ्तारी ड्रग तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।