Drishyam 3 Review : अजय देवगन की दृश्यम द कन्क्लूजन सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और इस बार विजय सलगांवकर के सामने पहले से बड़ी मुश्किल खड़ी है। पिछले दो हिस्सों में जिस तरह विजय ने अपने परिवार को बचाने के लिए पुलिस को चकमा दिया था, अब उसी पुराने मामले की परतें फिर खुलती हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है और अजय देवगन, तब्बू, श्रिया सरन जैसे कलाकार पुराने किरदारों में लौटे हैं।
विजय के सामने नया पुलिस अफसर
इस बार कहानी में जयदीप अहलावत की एंट्री होती है। वह एसपी राजवीर सिंह तोमर के किरदार में नजर आते हैं। यह अफसर पुराने मामले को नए तरीके से देखता है और विजय के खिलाफ कुछ ऐसे सुराग जुटाने की कोशिश करता है, जिनसे उसका बच पाना मुश्किल हो सकता है। विजय इस बार पहले से ज्यादा दबाव में दिखाई देता है।
अजय देवगन ने फिर संभाली फिल्म
विजय सलगांवकर के किरदार में अजय देवगन एक बार फिर शांत लेकिन मजबूत अंदाज में नजर आते हैं। उनके चेहरे के भाव और कम बोलकर अपनी बात रखने का तरीका फिल्म की कहानी के साथ अच्छी तरह बैठता है। कई समीक्षाओं में अजय और जयदीप की भिड़ंत को फिल्म की खास बात बताया गया है। तब्बू भी मीरा देशमुख के किरदार में कहानी को जरूरी भाव देती हैं।
सस्पेंस अच्छा है लेकिन शुरुआत थोड़ी धीमी
फिल्म की शुरुआत में कहानी को मुख्य मुद्दे तक पहुंचने में थोड़ा समय लगता है। कुछ हिस्सों में ऐसा महसूस होता है कि कहानी आगे बढ़ने के बजाय पुराने घटनाक्रम को दोहरा रही है। हालांकि जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ती है, कहानी में तनाव बढ़ने लगता है। कई नए मोड़ दर्शकों को आगे क्या होगा, यह सोचने पर मजबूर करते हैं।
आखिरी हिस्सा बढ़ाता है रोमांच
फिल्म का दूसरा हिस्सा ज्यादा असरदार नजर आता है। विजय और पुलिस के बीच चल रही चालों का खेल धीरे-धीरे तेज होता है। क्लाइमैक्स में कहानी कई ऐसे मोड़ लेती है, जिनसे फिल्म की रफ्तार बढ़ जाती है। अलग-अलग समीक्षाओं में भी इसके आखिरी हिस्से और सस्पेंस की चर्चा हुई है, हालांकि फिल्म को लेकर राय पूरी तरह एक जैसी नहीं है।
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क्या दृश्यम द कन्क्लूजन देखनी चाहिए
कुल मिलाकर दृश्यम द कन्क्लूजन उन लोगों के लिए खास है जो विजय सलगांवकर की कहानी का आखिरी पड़ाव देखना चाहते हैं। फिल्म में अजय देवगन और जयदीप अहलावत के बीच की टक्कर दिलचस्प है और कहानी में कई मोड़ बने रहते हैं। वहीं कुछ समीक्षकों ने इसकी शुरुआत और भावनात्मक हिस्से को कमजोर माना है। इसलिए यह फिल्म एक तेज-तर्रार रहस्य वाली कहानी चाहने वाले दर्शकों को ज्यादा पसंद आ सकती है।