वाहन मालिकों और ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और राज्य सरकारों ने परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के तहत कई ऑनलाइन परिवहन सेवाओं का लाभ अब आधार सत्यापन के बाद ही मिल सकेगा।
क्यों जरूरी किया गया आधार लिंक?
सरकार का उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस पर रोक लगाना और परिवहन सेवाओं को पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस बनाना है। 15 जुलाई से लागू व्यवस्था के अनुसार, वाहन का मालिकाना हक बदलने, दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर कराने और कई अन्य ऑनलाइन सेवाओं के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी जरूरी होगी। आधार सत्यापन पूरा किए बिना संबंधित आवेदन आगे नहीं बढ़ पाएगा।
घर बैठे ऐसे करें ड्राइविंग लाइसेंस लिंक
ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ने के लिए सबसे पहले परिवहन सेवा के आधिकारिक सारथी पोर्टल पर जाएं और अपना राज्य चुनें। इसके बाद “Services on Driving Licence” विकल्प में जाकर अपना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। लाइसेंस की जानकारी आने पर “Aadhaar Authentication” विकल्प चुनें, फिर 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी के जरिए सत्यापन पूरा करें। प्रक्रिया पूरी होते ही आपका ड्राइविंग लाइसेंस आधार से लिंक हो जाएगा।
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RC को भी ऑनलाइन जोड़ सकते हैं
वाहन की आरसी को आधार से लिंक करने के लिए वाहन (Vahan) नागरिक सेवा पोर्टल पर जाकर अपना राज्य और संबंधित आरटीओ चुनें। इसके बाद वाहन पंजीकरण संख्या, चेसिस नंबर और इंजन नंबर दर्ज करें। “Aadhaar Authentication” विकल्प चुनकर आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के जरिए सत्यापन पूरा करें। सफल वेरिफिकेशन के बाद आरसी आधार से लिंक हो जाएगी।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ऑनलाइन प्रक्रिया सफल होने के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में दर्ज नाम पूरी तरह एक जैसा होना चाहिए। यदि नाम या अन्य विवरण में अंतर पाया जाता है तो आवेदन अटक सकता है। साथ ही आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना भी जरूरी है, क्योंकि पूरा सत्यापन ओटीपी के माध्यम से किया जाएगा। यदि ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी के रिकॉर्ड में गंभीर विसंगति मिलती है, तो संबंधित व्यक्ति को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आरटीओ कार्यालय जाकर भौतिक सत्यापन कराना होगा। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से परिवहन सेवाएं अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तेज होंगी।