
डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में सोमवार को आसमान में ड्रोन दिखाई दिए। इसके बाद सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया गया। कोपेनहेगन हवाई अड्डे को सुरक्षा कारणों के कारण घंटों बंद रखा गया। डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन ने आशंका जताई कि इसके पीछे रूस का हाथ है। हालांकि, इस दौरान मास्को ने इसका विरोध किया है।
35 से ज्यादा उड़ानों का मार्ग परिवर्तित कर दिया
डेनिश मीडिया के अनुसार, उत्तरी यूरोप के सबसे बड़े कोपेनहेगन हवाई अड्डे, कस्ट्रुप को क्षेत्र में दो से तीन बड़े ड्रोन दिखाई दिए। सूचना के बाद कई घंटों तक इसे बंद कर दिया गया। डेनमार्क पुलिस के अनुसार, बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। इस दौरान 35 से ज्यादा उड़ानों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया।
नाटो सहयोगी पर गंभीर हमला
इस दौरान रूस ने इससे इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि उन ड्रोन उड़ानों से किसी तरह का संबंध नहीं है, जिसकी वजह से कोपेनहेगन हवाई अड्डे को रातभर के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करना पड़ा। डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने कहा कि वह रूसी संलिप्तता से पूरी तरह से इनकार नहीं कर सकती है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मीडिया से कहा कि हम हर बार वहां से निराधार आरोप सुनते आए हैं। वहीं डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि वह इस संभावना से इनकार नहीं कर सकतीं कि कोपेनहेगन हवाई अड्डे पर ड्रोन उड़ान की वजह से हुई बड़ी गड़बड़ी के पीछे रूस का हाथ है। उन्होंने इसे नाटो सहयोगी पर गंभीर हमला बताया है।