
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों के परिसरों में बढ़ रही नशे की लत पर चिंता जताते हुए कहा कि बेटियों में भी ड्रग्स लेने की प्रवृति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी ने इस संबंध में जो रिपोर्ट दी है, वह चौंकाने वाली है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के परिसरों में चल रहे ड्रग्स के खेल पर कमेटी से रिपोर्ट भी मांगी है और सीसीएसयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला को नशामुक्ति के लिए कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
बेटियों में लत लगने की बात सामने आयी
सीसीएसयू परिसर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मैं पिछले छह महीने से प्रदेश के विश्वविद्यालयों के परिसरों में हॉस्टल्स, लैब, मेस, साफ-सफाई आदि की अपनी जांच कमेटी से चेकिंग करा रही हूं। विश्वविद्यालयों के परिसरों के हॉस्टल्स में शराब व ड्रग्स छात्रों के साथ बेटियों में लत लगने की बात सामने आयी है। राज्यपाल ने कहा कि बेटियों के बारे में सुनकर मुझे गहरा धक्का लगा है।
विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए युवा पीढ़ी की सबसे बड़ी भागीदारी होती है, लेकिन युवा अगर ड्रग्स की गिरफ्त में आ रहे हैं तो पढ़ाई और मेडल हासिल करने के पीछे यदि ड्रग्स है तो सब बेकार है। युवाओं के जीवन में अगर बुरा चल रहा है तो उसे निकाल देना होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी युवा शक्ति पर बहुत भरोसा करते हैं, युवा क्या नशे की गिरफ्त में रहकर विकसित राष्ट्र का निर्माण कर पाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों के परिसरों व हॉस्टल्स को नशामुक्त करने का आह्वान किया। अपनी जांच कमेटी से नशे के संबंध में समय-समय पर रिपोर्ट उन्हें देने के आदेश दिए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों को आदेश दिए कि विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वारों पर कड़ी चेकिंग की जाए और बाहर से कोई सामान अंदर नहीं आने पाए और परिसरों के हॉस्टल्स को नशामुक्त कराएं। राज्यपाल ने कुलपति से नशामुक्ति के लिए डॉक्टर्स को परिसर में बुलाने, कार्यशाला समेत कई कार्यक्रम चलाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी काम कर रही है। उन्होंने कमेटी से रिपोर्ट मांगी है।