दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने शहर थाने के सामने एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा राजस्थान की झुंझुनू निवासी थी। आत्महत्या से पहले उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इसमें लिखा था, "मम्मी-पापा, मुझे माफ कर दों मुझे चिंता थी कि आगे नौकरी मिलेगी या नहीं।" इस पर पुलिस की एक टीम होटल पहुंची।
शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा
पुलिस ने छात्रों के शव और सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। आगे की जांच जारी है। बुधवार को पोस्टमार्टमे कराया गया। इस दौरान राजस्थान के झुंझुनू जिले के रायपुर जाटान गांव की निवासी हैं। 20 वर्षीय निकिता दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्माराम कॉलेज में बीएससी आखिरी वर्ष छात्रा थी।
निकिता पंखे के हुक से लटकी हुई मिली
युवती दिल्ली में निवासी थी। वहीं उसका परिवार गांव रह रहा है। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे शहर थाने के सामने एक होटल में रुकी हुई थी। उसे मंगलवार सुबह 11 बजे के वक्त चेक आउट करना था। होटल के कर्मियों ने उसे बाहर से आवाज दी। मगर ज पब कोई नहीं मिला तो दरवाजा खटखटाया गया। किसी तरह की प्रतिक्रिया न मिलनेर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब तक मौके पहुंचती तब तक निकिता पंखे के हुक में लटकी हुई दिखाई दी।
बिस्तर पर सुसाइड नोट दिखा
युवती ने कुर्सी ख्पर चढ़कर फंदा लगा दिया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारा। उसे सिविल अस्पताल में पहुंचाया। उन्हें कमरे में बिस्तर पर एक सुसाइड नोट हासिल हुआ। इसमें महिला ने अपने माता-पिता को संबोधित किया। उसमें लिखा, मुझे माफ़ कर देना। वे अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेने में सक्षम नहीं हूं। मुझे आगे क्या क्ररना चाहिए? क्या मुझे नौकरी मिलेगी या नहीं? मैं मानसिक रूप से काफी अस्थिर हूं। मैं इस बारे में काफी वक्त से सोच रही थी।