
साल 2025 में दुर्गा पूजा का पर्व एक बार फिर से भक्ति, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम लेकर आ रहा है। महाअष्टमी, नवमी और विजयदशमी के साथ आने वाला यह पर्व न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी पूरे देश में उत्सव का माहौल बनाता है।
कब से शुरू हो रही है दुर्गा पूजा 2025?
दुर्गा पूजा 2025 की शुरुआत महालया से होगी, जो इस बार 28 सितंबर 2025 (रविवार) को पड़ रहा है। इसी दिन से मां दुर्गा के आगमन की औपचारिक घोषणा होती है। इसके बाद षष्ठी से लेकर विजयदशमी तक पूजा का मुख्य दौर चलता है:
षष्ठी – 3 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार)
महासप्तमी – 4 अक्टूबर 2025
महाअष्टमी – 5 अक्टूबर 2025
महानवमी – 6 अक्टूबर 2025
विजयदशमी – 7 अक्टूबर 2025
कला, संस्कृति और आस्था का मेल
देशभर, खासकर पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड, बिहार, दिल्ली और मुंबई जैसे राज्यों में दुर्गा पूजा की तैयारियां महीनों पहले शुरू हो जाती हैं। कारीगर और कलाकार अपने-अपने कौशल से पंडालों को रूप देते हैं। हर साल थीम-बेस्ड पंडालों की होड़ लगी रहती है — कोई अयोध्या राम मंदिर की झलक दिखा रहा है, तो कोई अंतरिक्ष, इतिहास या सामाजिक संदेश को उकेर रहा है।
तकनीक और आस्था का संगम
इस बार दुर्गा पूजा में डिजिटल तकनीक और AI-आधारित लाइटिंग सिस्टम का खूब प्रयोग हो रहा है। कुछ पंडालों में इंटरैक्टिव स्क्रीन और ऑडियो-विजुअल इफेक्ट्स से भक्तों को एक अलौकिक अनुभव देने की तैयारी है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से CCTV कैमरे, फायर सेफ्टी सिस्टम और पुलिस निगरानी को भी मजबूत किया जा रहा है।
देशभर में उत्साह जोरों पर
दुर्गा पूजा 2025 न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह भारतीय समाज की रचनात्मकता, एकता और श्रद्धा का भी भव्य प्रदर्शन है। जैसे-जैसे मां दुर्गा का आगमन निकट आता जा रहा है, देशभर में उत्साह चरम पर है। पंडालों की रौनक, ढाक की आवाज और देवी मां के जयकारों के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो चला है।