दशहरा यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। इस दिन रावण दहन, देवी पूजन और शस्त्र पूजा का खास महत्व माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस शुभ दिन कुछ सामान्य गलतियाँ आपके पूरे शुभ मुहूर्त को बिगाड़ सकती हैं? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन भूलों से न केवल पूजा का फल अधूरा रह जाता है बल्कि जीवन में अशुभ प्रभाव भी पड़ सकता है। आइए जानते हैं दशहरे पर किन 5 गलतियों से बचना जरूरी है।
1. समय पर पूजा न करना
दशहरे के दिन विजय मुहूर्त का महत्व होता है। अगर इस शुभ समय में पूजा नहीं की गई तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि विजय मुहूर्त में शस्त्र पूजन और देवी आराधना करनी चाहिए।
2. जूते-चप्पल पहनकर पूजा में जाना
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, देवी-देवताओं की पूजा में जूते-चप्पल पहनकर जाना अशुभ माना जाता है। इससे पूजा अधूरी मानी जाती है और मां दुर्गा प्रसन्न नहीं होतीं।
3. शस्त्र और वाहन की सफाई भूलना
दशहरे पर शस्त्र पूजन और वाहन पूजन परंपरा है। लेकिन कई लोग बिना साफ-सफाई के ही पूजन कर देते हैं। यह बड़ी भूल है। पूजा से पहले शस्त्र, वाहन और कार्य उपकरणों को अच्छे से धोकर सजाना जरूरी है।
4. घर में कलह या झगड़ा करना
इस दिन घर में कलह-झगड़ा करना बड़ा अपशकुन माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि दशहरे के दिन माहौल को शांत और सकारात्मक रखना चाहिए, तभी शुभता बनी रहती है।
5. परिजनों और बड़ों का अपमान करना
धार्मिक परंपराओं के अनुसार दशहरे पर परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना अनिवार्य है। इस दिन उनका अपमान करना या उनकी बात न मानना अशुभ फल देता है।