दिल्ली के द्वारका इलाके में हुए सड़क हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। शुरुआती एफआईआर में आरोपी की उम्र 19 साल लिखी गई थी, लेकिन बाद में दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि वह नाबालिग है। यह जानकारी मिलते ही जांच की दिशा बदल गई और केस को बाल न्याय प्रणाली के तहत आगे बढ़ाया गया।
दस्तावेज जांच में सामने आई सच्चाई
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी की उम्र दर्ज की गई थी। लेकिन जब स्कूल रिकॉर्ड और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों की जांच की गई, तो असली उम्र का पता चला। आरोपी के नाबालिग होने की पुष्टि होते ही उसे हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश कर दिया गया। इसके बाद से मामले की कानूनी प्रक्रिया अलग नियमों के तहत चल रही है।
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पिता से पूछताछ, नोटिस भी जारी
इस मामले में आरोपी के पिता को भी पुलिस ने नोटिस भेजा और जांच में शामिल होने के लिए बुलाया। उन्होंने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें करीब 24 घंटे तक हिरासत में रखकर पूछताछ की और फिर छोड़ दिया। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
अभिभावक पर भी हो सकती है कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, नाबालिग द्वारा वाहन चलाने और हादसे में शामिल होने की स्थिति में जिम्मेदारी अभिभावक की भी मानी जाती है। इसी आधार पर आरोपी के पिता के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी है। नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में अदालत तय करती है कि अभिभावक पर क्या सजा या जुर्माना लगाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।