New Delhi: लाल किला धमाके में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क निवासी ई-रिक्शा चालक जुम्मन की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। सोमवार शाम हुए इस विस्फोट के बाद जब उनका शव बरामद हुआ तो सिर, हाथ और पैर गायब थे। केवल उनके कपड़ों से ही पहचान हो सकी। हादसे की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जुम्मन का कोई सुराग नहीं मिला
जुम्मन की बहन नजमा ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को लाल किला के पास ई-रिक्शा चलाने गए थे। धमाके की खबर मिलते ही परिवार ने उनका मोबाइल मिलाने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। घबराए परिजन तुरंत लाल किला पहुंचे, जहां चारों ओर अफरा-तफरी मची थी। पुलिस ने बताया कि घायलों को एलएनजेपी अस्पताल भेजा गया है, लेकिन वहां भी जुम्मन का कोई सुराग नहीं मिला।
कपड़ों से जुम्मन की हुई पुष्टि
रातभर अस्पतालों और थानों के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार मंगलवार को परिवार को एक शव दिखाया गया, जो बिना सिर, हाथ और पैर के था। कपड़ों से पुष्टि हुई कि वह जुम्मन का ही था। जुम्मन अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनकी मां बूढ़ी हैं, पत्नी विकलांग है और तीन छोटे बच्चे हैं। बड़ा बेटा मात्र 12 साल का। बहन नजमा का कहना है कि हादसे के तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी उनके घर नहीं पहुंचा। परिवार अब न्याय और सरकारी मदद की उम्मीद में है।