शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन खत्म हो गया, वहीं अब सोशल मीडिया पर E20 जनता पार्टी नाम का नया कैंपेन तेजी से चर्चा में है। यह कोई राजनीतिक दल या चुनाव लड़ने वाला संगठन नहीं है, बल्कि E20 पेट्रोल को लेकर शुरू किया गया एक डिजिटल अभियान है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़ रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं।
क्या है E20 जनता पार्टी की मांग?
E20 जनता पार्टी की सबसे बड़ी मांग है कि देश के हर पेट्रोल पंप पर E20 पेट्रोल के साथ 100 प्रतिशत इथेनॉल-फ्री पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि वे E20 पेट्रोल का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि सिर्फ इतना चाहते हैं कि वाहन मालिकों को अपनी जरूरत और वाहन निर्माता की सलाह के मुताबिक ईंधन चुनने की आजादी मिले। उनका मानना है कि विकल्प देना उपभोक्ताओं का अधिकार है।
क्यों शुरू हुआ यह अभियान?
इस डिजिटल अभियान से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि आम लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से वाहन खरीदे हैं और वे उन्हें किसी तरह के प्रयोग का हिस्सा नहीं बनाना चाहते। अभियान से जुड़े लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि किसी वाहन के लिए निर्माता किसी विशेष ईंधन की सिफारिश करता है, तो ग्राहकों को उसी तरह का ईंधन उपलब्ध क्यों नहीं कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह मुद्दा सीधे आम लोगों के खर्च और वाहन की परफॉर्मेंस से जुड़ा हुआ है।
ये भी पढ़ें : 27 जुलाई से 2 अगस्त तक कई MEMU ट्रेनें रद्द, यात्रा से पहले जरूर चेक करें अपनी ट्रेन का स्टेटस
क्या किसी राजनीतिक दल से जुड़ा है?
E20 जनता पार्टी से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल ने खुद को एक स्वतंत्र नागरिक अभियान बताया है। अभियान चलाने वालों का कहना है कि उनका किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। उनका दावा है कि उनका उद्देश्य सिर्फ ईंधन नीति में पारदर्शिता, उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा और इस विषय पर खुली सार्वजनिक चर्चा को बढ़ावा देना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अभियान के पीछे कौन है, इस पर अटकलें लगाने के बजाय मूल मुद्दे पर ध्यान दिया जाए।
CJP से क्यों हो रही तुलना?
सोशल मीडिया पर कई लोग E20 जनता पार्टी की तुलना कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से कर रहे हैं। इसकी वजह दोनों अभियानों की शुरुआत का तरीका माना जा रहा है। CJP भी पहले सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में शुरू हुआ था और बाद में बड़े छात्र आंदोलन में बदल गया। हालांकि E20 जनता पार्टी की ओर से फिलहाल सिर्फ ईंधन नीति और उपभोक्ता विकल्प की मांग उठाई जा रही है और इसे किसी राजनीतिक आंदोलन के रूप में पेश नहीं किया गया है।
तेजी से बढ़ रहे फॉलोअर्स
इस अभियान को सोशल मीडिया पर तेजी से समर्थन मिल रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, X पर इसके फॉलोअर्स कुछ ही समय में लगभग 13 हजार से बढ़कर 45 हजार से अधिक हो गए हैं। वहीं इंस्टाग्राम पर भी इसका दायरा तेजी से बढ़ा है और फॉलोअर्स की संख्या करीब 8,800 से बढ़कर 1.44 लाख तक पहुंच गई है। फिलहाल यह एक सोशल मीडिया आधारित डिजिटल अभियान है और आने वाले दिनों में इसकी मांगों पर सरकार का क्या रुख रहता है, इस पर नजर बनी रहेगी।