देश में ई-20 पेट्रोल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच संसद में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि ई-20 ईंधन को लेकर लोगों के बीच फैली कई आशंकाओं की जांच की गई है। सरकार के अनुसार अब तक हुए वैज्ञानिक परीक्षणों में बीएस-4 और बीएस-6 वाहनों के इंजन पर किसी बड़े नुकसान का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
माइलेज में आ सकती है हल्की कमी
सरकार के मुताबिक ई-20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर कुछ वाहनों का माइलेज 2 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकता है। यह कमी सभी गाड़ियों में समान नहीं होगी, बल्कि वाहन की कैटेगरी और उसकी उम्र पर निर्भर करेगी। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की संयुक्त स्टडी में भी माइलेज में हल्की गिरावट की बात सामने आई है।
BS-4 गाड़ियों के इंजन पर क्या असर पड़ेगा?
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि परीक्षणों में बीएस-4 और बीएस-6 वाहनों के इंजन, स्टार्टिंग क्षमता, ड्राइविंग परफॉर्मेंस, धातु और प्लास्टिक के पार्ट्स पर कोई असामान्य असर नहीं देखा गया। सरकार का कहना है कि ई-20 पेट्रोल के कारण इंजन में किसी अतिरिक्त बदलाव की जरूरत नहीं है और अब तक इंजन फेल होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
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पुरानी गाड़ियों में बदलने पड़ सकते हैं कुछ पार्ट्स
सरकार के अनुसार 1 अप्रैल 2005 से लागू बीएस-3 मानकों वाले और वर्ष 2016 से पहले बने कुछ पुराने वाहनों में ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल के दौरान कुछ रबर पार्ट्स और गैस्केट बदलने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि इसे सामान्य सर्विसिंग का हिस्सा बताया गया है और इसे किसी बड़ी तकनीकी समस्या के रूप में नहीं देखा गया है।
E-20 के क्या हैं फायदे?
सरकारी अध्ययन के अनुसार ई-20 पेट्रोल से केवल माइलेज में मामूली कमी ही नहीं, बल्कि कुछ सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिले हैं। स्टडी में पाया गया कि ई-20 से एक्सेलरेशन बेहतर होता है, राइड क्वालिटी में सुधार आता है और कार्बन उत्सर्जन में करीब 30 प्रतिशत तक कमी हो सकती है। इससे पर्यावरण को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
इंजन खराब होने के दावों पर सरकार का जवाब
सोशल मीडिया पर ई-20 पेट्रोल से इंजन खराब होने और पुरानी गाड़ियों के बेकार होने जैसे दावों पर सरकार ने कहा कि ऐसे आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाणित वैज्ञानिक सबूत नहीं मिले हैं। सरकार के मुताबिक देश में उपलब्ध ई-20 पेट्रोल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है और इसकी गुणवत्ता की नियमित जांच होती है। साथ ही ऑटोमोबाइल कंपनियां भी ई-20 के अनुकूल वाहनों पर पहले की तरह वारंटी दे रही हैं।